

Sambhajinagar Healthcare Infrastructure: छत्रपति संभाजीनगर 200 बेड के महिला एवं नवजात शिशु अस्पताल के शेष महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक निधि को उच्चाधिकार समिति की मंजूरी मिल गई है।
इस संबंध में सरकारी आदेश (जीआर) अभी तक जारी नहीं हुआ है, जिससे काम शुरू होने में देरी हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक महीने में जीआर जारी होकर यह मामला आगे बढ़ सकता है।
काफी बाधाओं को पार करते हुए डेयरी परिसर में महिला अस्पताल की इमारत तैयार हो चुकी है। भवन का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो गया है, लेकिन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पार्किंग, एसटीपी प्लांट जैसे विस्तार कार्य अभी बाकी हैं।
इन कार्यों के पूरा होने के बाद ही अस्पताल शुरू हो सकेगा। इन शेष कार्यों के लिए प्रस्ताव करीब डेढ़ साल पहले सरकार को भेजा गया था, लेकिन निधि की मंजूरी न मिलने के कारण अब तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने दिसंबर में अस्पताल का दौरा कर जल्द निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बाद भी फंड जारी नहीं हुआ है।
स्वास्थ्य उपसंचालक डॉ. कांचन वानरे के अनुसार, प्रस्ताव को उच्चाधिकार समिति की मंजूरी मिल चुकी है और संबंधित सरकारी आदेश एक महीने के भीतर जारी होने की संभावना है, जिससे परियोजना को गति मिलेगी।
इस अस्पताल में 200 बेड के महिला वार्ड व 200 बेड के नवजात शिशु कक्ष सहित कुल 400 बेड की सुविधा होगी। इसके संचालन के लिए 300 से अधिक डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। स्टाफ के प्रस्ताव को भी उच्चाधिकार समिति की मंजूरी मिल चुकी है और काम पूर्ण होने के साथ ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
डॉ. कांचन वानेरे ने बताया कि अस्पताल के शेष कार्यों के लिए 73 करोड़ रुपये के फंड का प्रस्ताव है, जो एक महीने में मंजूर होने की उम्मीद है। इसके बाद काम तेजी से पूरा कर अस्पताल जल्द शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, आवश्यक स्टाफ भी समय पर उपलब्ध होने की संभावना है।