सातबारा का झंझट खत्म! संभाजीनगर मनपा का बड़ा फैसला, शहर के करीब 3 लाख संपत्ति धारकों को मिलेगा पीआर कार्ड

Property Ownership Card: संभाजीनगर के 2.86 लाख से अधिक संपत्ति धारकों को जल्द PR कार्ड मिलेगा। मनपा की मंजूरी के बाद अभिलेख विभाग सर्वे कर प्रत्येक पात्र संपत्ति का अलग स्वामित्व दस्तावेज तैयार करेगा।
No more 'Saat-Bara' hassle! Sambhajinagar Municipal Corporation's major decision: around 3 lakh property owners in the city to receive PR cards.
संभाजीनगर महानगरपालिका(फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar PR Card: छत्रपति संभाजीनगर शहर के करीब 2 लाख 86 हजार 500 संपत्ति धारकों को जल्द ही उनकी संपत्ति का अधिकृत स्वामित्व दस्तावेज यानी पीआर कार्ड (संपत्ति पत्रक) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। महानगरपालिका की सामान्य सभा ने इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

अब भूमि अभिलेख विभाग पूरे शहर का विस्तृत सर्वेक्षण करेगा और उसके आधार पर प्रत्येक पात्र संपत्ति धारक के नाम अलग पीआर कार्ड जारी किए जाएंगे। इस योजना के लिए लगभग छह करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

यह राशि जिला योजना एवं विकास समिति (डीपीडीसी) के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। निधि स्वीकृत होते ही सर्वेक्षण और अभिलेख तैयार करने का कार्य शुरू किया जाएगा।

अभी तक शहर के अनेक संपत्ति धारकों के पास स्वामित्व का स्पष्ट और स्वतंत्र दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। इसी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने पारंपरिक सातबारा व्यवस्था के स्थान पर प्रत्येक संपत्ति के लिए अलग पीआर कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है। इससे संपत्ति का स्वामित्व स्पष्ट होगा और खरीद-बिक्री, बैंक ऋण, उत्तराधिकार तथा अन्य शासकीय प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी बनेंगी।

विस्तारित सीमा के 18 गांवों के लिए अलग प्रक्रिया

महानगरपालिका की विस्तारित सीमा में शामिल 18 गांवों की बड़ी संख्या में गुंठेवारी की संपत्तियां हैं। इन क्षेत्रों के नागरिकों को पीआर कार्ड प्राप्त करने से पहले संबंधित भूमि का नाम सातबारा अभिलेख में दर्ज कराकर गुंठेवारी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद हो पीआर कार्ड जारी किया जाएगा।

भूमि अभिलेख विभाग करेगा पूरी प्रक्रिया का संचालन

वर्ग-दो की भूमि पर अनियमित गुंठेवारी और वक्फ बोर्ड की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। भूमि अभिलेख विभाग पूरी प्रक्रिया का संचालन करेगा। यदि किसी एक सातबारा अभिलेख में एक से अधिक लोगों के नाम दर्ज है तो प्रत्येक हिस्सेदार के नाम अलग पीआर कार्ड तैयार किया जाएगा, जिन संपत्तियों का सातबारा उपलब्ध नहीं होगा, उनके मामलों की जांच टीएलआर कार्यालय करेगा।

स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा इस योजना मे छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की जिम्मेदारी मुख्य रूप से वित्तीय व्यवस्था उपलब्ध कराने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की होगी, सर्वेक्षण, अभिलेखों का सत्यापन, पंजीकरण और पीआर कार्ड तैयार करने का पूरा कार्य भूमि अभिलेख विभाग करेगा। डीपीडीसी से निधि स्वीकृत होने के बाद शहरभर में सर्वेक्षण अभियान प्रारंभ किया जाएगा।

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