औरंगाबाद : महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड (Maharashtra State Waqf Board) में सालों से प्रलंबित भर्ती (Recruitment) प्रक्रिया को लगे ब्रेक से बोर्ड के काम में कई बाधाएं निर्माण हो रही थी। परंतु, जनवरी महीने भर्ती प्रक्रिया पर अमलीजामा पहनाया जाएगा। यह जानकारी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. वजाहत मिर्जा (Chairman Dr. Wajahat Mirza) ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए दी।
डॉ. मिर्जा ने बोर्ड के जिला और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड का कामकाज गतिशिल और पारदर्शक कर राज्य के वक्फ संस्था का संरक्षण और संवर्धन किया जाता। 1995 के केंद्रीय वक्फ कानून के अंतर्गत राज्य के कई धार्मिक संस्था वक्फ बोर्ड में पंजीकरण नहीं थी। उसके लिए बोर्ड की ओर से विशेष ड्राइव चलाया गया। उसी का परिणाम यानी गत डेढ़ साल में धारा 36 के अनुसार 947 और धारा 43 के अंतर्गत 685 ऐसे कुल 1632 संस्थाओं का पंजीकरण किया गया। जीरो पेंडसी के लिए हम प्रयासरत है। नौकर भती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजीकरण के प्रक्रिया को और अधिक गति मिलेगी यह विश्वास महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. वजाहत मिर्जा ने जताया।
एक सवाल के जवाब में चेयरमैन डॉ. मिर्जा ने बताया कि राज्य भर के संबंधित वक्फ संस्थाओं के पंजीकरण के लिए लोगों को औरंगाबाद आना पड़ता है। परंतु, इस महीने के अंत तक ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया अमल में आने से लोगों का समय बचने के साथ ही पैसा भी जाया नहीं होगा। विभागीय स्तर पर इस प्रक्रिया पर अमलीजामा पहनाने का प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष हमने राजस्व बढ़ाने का जो लक्ष्य रखा था, उसमें हमें बड़े पैमाने पर कामयाबी मिली है। विभागीय अधिकारियोंं की बैठक में फिर एक बार नए साल का लक्ष्य तय किया गया है। राजस्व बढ़ाने के लिए सभी जिले और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए है। समृद्धि महामार्ग के निर्माण के दरमियान वक्फ की कई जमीन अधिग्रहित हुई है। वह पैसा संस्था को न जाते हुए बोर्ड के तिजोरी कैसा जमा होगा। इस पर हम विशेष लक्ष्य केंद्रित किए हुए है।
वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने बताया कि राज्य में करीब 97 हजार एकड़ वक्फ की संपत्तियां होने के बावजूद कई जमीनों पर कब्जा और अतिक्रमण है। इस पर वक्फ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। गत वर्ष वक्फ की जमीनों पर कब्जा करने वालों पर 22 मामले दर्ज किए गए है। कई स्थानों पर उपविभागीय अधिकारी, मंडल अधिकारी तहसीलदार को भी जेल की हवा खानी पड़ी है। यह कार्रवाई हम निरंतर जारी रखेंगे। वक्फ की जमीनें दोबारा प्राप्त करने के लिए हम कटिबद्ध है। वक्फ की नए कानून के अनुसार रेडी रेकनर दाम से किराया वसूली के लिए नया रोड मैप तैयार किया जा रहा है। उससे बोर्ड को करोड़ों का राजस्व मिलने का विश्वास महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. वजाहत मिर्जा ने जताया।