संभाजीनगर में निर्बाध जलापूर्ति के लिए मनपा का बड़ा फैसला, 1 करोड़ से जोड़ी जाएंगी पुरानी-नई पाइपलाइनें
Sambhajinagar Water Pipeline: छत्रपति संभाजीनगर मनपा ₹1 करोड़ की लागत से पुरानी और नई पाइपलाइनों को जोड़ेगी। तकनीकी खराबी के दौरान भी शहर में बिना रुकावट पानी की सप्लाई के लिए यह बैकअप प्लान बनाया है।
- Written By: रूपम सिंह
पाइपलाइनें (सोर्स सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Amol Yedge Water Supply Pipeline: छत्रपति संभाजीनगर शहरवासियों को भविष्य में निर्बाध जलापूर्ति उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया है। नई पेयजल योजना में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर भी जलापूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए पुरानी और नई पाइपलाइन व्यवस्था को आपस में जोड़ने की योजना बनाई गई है। इस कार्य पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि शहर की पुरानी जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा। उसे नई मुख्य पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा, ताकि आपात स्थिति में पुराने तंत्र के माध्यम से शहर को पानी उपलब्ध कराया जा सके।
वर्तमान में पुरानी योजना की 900 मिलीमीटर व्यास की पाइपलाइन चालू है, जबकि नई योजना की मुख्य पाइपलाइन 2500 मिलीमीटर क्षमता की है। दोनों व्यवस्थाओं को जोड़ने से यदि नई परियोजना में तकनीकी बाधा उत्पन्न होती है या जल उठाव प्रभावित होता है, तो पुरानी पाइपलाइन के माध्यम से आपूर्ति जारी रखी जा सकेगी।
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25 एमएलडी तक जल उपयोग की योजना
हालांकि वर्तमान में शहर के लिए लगभग 20 एमएलडी पानी लिया, जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में आवश्यकता के अनुसार 20 से 25 एमएलडी तक जल उपयोग की योजना है। इसके लिए मुख्य पाइपलाइनों की सफाई और दबाव परीक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका का मानना है कि पुरानी और नई व्यवस्था के एकीकरण से शहर को दोहरा सुरक्षा तंत्र मिलेगा। इससे किसी भी अप्रत्याशित तकनीकी खराबी या जल उठाव में बाधा की स्थिति में नागरिकों को पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और जलापूर्ति लगातार जारी रखी जा सकेगी।
अस्थायी व्यवस्था की जगह स्थायी समाधान की कोशिश
नई योजना के लिए अभी जल उठाव विशेष तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है, जिसे स्थायी समाधान नहीं माना जा रहा है। इसी कारण जलाशय से पंप केंद्र तक अलग जल मार्ग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके साथ ही तैरते पंप और अन्य तकनीकी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि मरम्मत अथवा निर्माण कार्य के दौरान पानी की उपलब्धता प्रभावित न हो। नई परियोजना से अब तक 72 एमएलडी पानी उपलब्ध हो चुका है।
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जलापूर्ति होगी सुनिश्चित
छत्रपति संभाजीनगर शहरवासियों को भविष्य में पानी की किल्लत से बचाने के लिए मनपा ने बड़ा कदम उठाया है। जलसंकट से निपटने और – निर्वाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक मजबूत वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना – के तहत रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने पर काम किया जाएगा। यदि किसी तकनीकी खराबी या सूखे के कारण मुख्य लाइन प्रभावित होती है, तो यह बैकअप सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाएगा।
