

PIL In Bombay High Court: विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समयसीमा बढ़ाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ में याचिका दायर की गई है। याचिका में निर्वाचन आयोग द्वारा 8 अगस्त 2026 तक निर्धारित अंतिम तिथि को बढ़ाकर 29 नवंबर 2026 तक करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सीमित समय में पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी करने से अनेक पात्र मतदाता सूची से वंचित रह सकते हैं।
याचिकाकर्ता इकबाल पटेल ने अदालत में दायर याचिका में कहा है कि विशेष पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाना है। ऐसे में प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी करने के बजाय व्यापक और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराई जानी चाहिए।
याचिका में बताया गया है कि राज्य में इन दिनों वर्षा ऋतु होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में किसान और कृषि श्रमिक खेती के कार्यों में व्यस्त हैं। इसके अलावा दिहाड़ी मजदूर, प्रवासी श्रमिक, नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी तथा अन्य नागरिक रोजगार, शिक्षा, परीक्षा और अन्य कारणों से अपने निवास स्थान पर उपलब्ध नहीं रहते। वहीं दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर सत्यापन पूरा करने के लिए भी अधिक समय की आवश्यकता है।
याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया है कि इस याचिका का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाना या उसमें किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना नहीं है। केवल यह आग्रह किया गया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को अधिक पारदर्शी, समावेशी और न्यायसंगत बनाने के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता केवल अनुपस्थिति के कारण सूची से बाहर न रह जाए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता एड. संदेश पोतदार पैरवी कर रहे हैं।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट