

Sambhajinagar Municipal Corporation Water Project: छत्रपति संभाजीनगर शहर में वर्षों से चली आ रही अनियमित जलापूर्ति व्यवस्था में जल्द सुधार देखने को मिल सकता है। महानगरपालिका की नई जलापूर्ति योजना के तहत नई पाइपलाइन से पानी छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 12 जून से शहर को 50 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिलने लगेगा। इससे विभिन्न क्षेत्रों में पानी वितरण का अंतर कम होगा तथा लंबे गैप के बाद होने वाली जलापूर्ति को नियमित करने में मदद मिलेगी।
यह दावा मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने शुक्रवार शाम पत्रकारों से बातचीत करते किया। शुक्रवार को योजना के कार्यों की समीक्षा के बाद आयुक्त ने बताया कि फिलहाल नई योजना के माध्यम से 10 एमएलडी पानी पुरानी वितरण
व्यवस्था में दिया जा रहा है।
आगामी 12 से 15 जून के दरमियान यह मात्रा बढ़ाकर 50 एमएलडी कर दी जाएगी। इसके बाद शहर में जलापूर्ति की उपलब्धता बढ़ने के साथ वितरण व्यवस्था में भी सुधार लाया जाएगा। आयुक्त ने बताया कि मुख्यमंत्री वॉर रूम स्तर पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की नियमित समीक्षा जारी है कल गुरुवार को भी समीक्षा सीएम वॉर रूम से ली गई।
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यों को गति देने और निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत शहर को कुल 100 एमएलडी अतिरिक्त पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। आयुक्त येडगे ने पत्रकारों को बताया कि शहर को प्रतिदिन लगभग 160 से 170 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। शहर के चिकलथाना, राम नगर, मुकुंदवाडी, संजय नगर, सिडको हडको, जटवाड़ा, हसूल, कटकट गेट, रोशन गेट और दिल्ली गेट सहित अनेक क्षेत्रों में पानी आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
नई जलापूर्ति योजना के अतर्गत 1500 मिमी व्यास की जलवाहिनी का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस पाइपलाइन के माध्यम से हसूल और जटवाड़ा क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा। 17 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आवश्यक वाल्व और नियंत्रण प्रणाली स्थापित कर दी गई है। इसके अलावा 2000 मिमी व्यास की मुख्य जलवाहिनी का कार्य भी अंतिम चरण में है।
प्रशासन ने इसे 15 जून तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। नई वितरण प्रणाली के लिए प्रस्तावित 55 जलकुंभों में से 19 पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। वहीं 45 स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है। तैयार जलकुंभों में से 10 ऐसे क्षेत्रों में बनाए गए हैं, जहां पहले जल वितरण नेटवर्क उपलब्ध नहीं था। जो एरिए नोट नेटवर्क है, वहां पहले हम पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों में जुटे है। कुल 19 तैयार टंकियों में से 10 टंकियां नो नेटवर्क में बनकर तैयार है।।