मराठवाड़ा में गन्ना पेराई सत्र लगभग खत्म, मिलों में काम धीमा; 2.17 करोड़ टन चीनी उत्पादन

Marathwada Sugar Production: मराठवाड़ा में गन्ना पेराई सत्र अंतिम चरण में है। अब तक करीब 2.17 करोड़ टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि गन्ने की कमी के कारण अधिकांश मिलें बंद हो चुकी हैं।
Sugarcane Crushing Season in Marathwada Nears End; Operations Slow at Mills; 2.17 Crore Tonnes of Sugar Produced
Agricultural Industry Maharashtra( Source: Social Media )
Updated on

Agricultural Industry Maharashtra: छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा क्षेत्र में गन्ना पेराई सत्र अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में अब तक लगभग 2 करोड़ 17 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है, जबकि औसत उत्पादकता 9.47 प्रतिशत दर्ज की गई है।

प्रादेशिक सह-निदेशक (चीनी) विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राज्यभर में अब तक 10 करोड़ 43 लाख 51 हजार मीट्रिक टन गन्ने की पेराई पूरी हो चुकी है।

हालांकि, सत्र की शुरुआत में जो 105 लाख टन चीनी उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया था, उसे हासिल करना अब मुश्किल नजर आ रहा है। इस वर्ष कुल 208 चीनी मिलों ने सत्र में भाग लिया।

वर्तमान में गन्ना उपलब्धता कम होने के कारण 176 मिलें बंद हो चुकी हैं, जबकि 32 मिलों में अभी भी पेराई जारी है। पहले यह सत्र 15 मार्च तक समाप्त होने की उम्मीद थी, लेकिन अब अगले सप्ताह तक इसके पूरी तरह समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।

सप्ताह के अंत तक इनकी भी बंद होने की संभावना

मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर व नांदेड़ विभाग की कुछ मिलों में अभी भी पेराई जारी है, लेकिन सप्ताह के अंत तक इनके भी बंद होने की संभावना है।

बढ़ती गर्मी के कारण कटाई में देरी हो रही है। साथ ही, मजदूरों का गांवों की ओर लौटने का रुझान भी कार्य को प्रभावित कर रहा है।

वहीं, कोल्हापुर, सागली व सोलापुर जिलों की 71 मिली के साथ-साथ पुर्ण व सातारा की 26 मिलें बंद हो चुकी हैं।

पुणे व सातारा में अप भी 6 मिलों में पेराई जारी है। कुल मिलाकर, इस वर्ष उत्पादन में कमी व लक्ष्य से पीछे रहने की स्थिति साफ दिखाई दे रही है, जिससे उद्योग पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com