Mahavitran ने मराठवाड़ा में बिजली चोरी का बड़ा पर्दाफाश किया, 191 उपभोक्ताओं पर आपराधिक मामला

Mahavitran ने मराठवाड़ा इलाके में बड़ी मात्रा में बिजली चोरी की घटना उजागर की है। साथ ही 191 उपभोक्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। महावितरण ने इस अभियान को अहम कदम बताया है।
maharashtra-cheap-electricity-green-energy-solar-plan-india
महावितरण (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: महावितरण ने मराठवाड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का पर्दाफाश करते हुए 191 उपभोक्ताओं के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज किए हैं।

अप्रैल से 30 सितंबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में 2,593 मीटरों की जांच की गई, जिसमें से 1,186 मीटरों में बिजली चोरी की पुष्टि हुई। महावितरण की ओर से जारी यह अभियान बिजली चोरी पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

फ्लाइंग स्क्वॉड ने मारा छापा

महावितरण के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वॉड व सतर्कता विभाग ने मराठवाड़ा के विभिन्न जिलों में बिजली चोरी के खिलाफ कड़ी जांच मुहिम शुरू की है। इस दौरान कुल 1.13 करोड़ यूनिट बिजली चोरी किए जाने का अनुमान सामने आया है, जिसकी कुल कीमत करीब 10 करोड़ 78 लाख 87 हजार रुपए आंकी गई। इसमें से महावितरण ने अब तक 10 करोड़ 29 लाख 40 हजार रुपए की वसूली कर ली है।

शेष बकाया वसूली की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, चोरी के इन मामलों में शामिल 191 उपभोक्ताओं पर बिजली अधिनियम के तहत आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। महावितरण ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मीटर, तार और अन्य उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें। बिजली अधिनियम 2003 की धारा 126, 135 और 138 के तहत अनधिकृत बिजली उपयोग, मीटर में छेड़छाड़, तारों की टैपिंग और कंपनी की संपत्ति की चोरी कानूनन अपराध हैं।

महावितरण के संयुक्त प्रबंध निदेशक आदित्य जीवने ने कहा है कि 66 उपभोक्ताओं की चेतावनी दी गई है कि केवल अधिकृत कनेक्शन का ही उपयोग करें। बिजली बोरी एक गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ अभियान भविष्य में और सख्ती से जारी रहेगा।

जिलावार विवरण

महावितरण ने जिलावार आंकड़े जारी किए हैं। इसके अनुसार, सबसे अधिक वसूली संभाजीनगर परिमंडल (620.93 लाख) और छ संभाजीनगर शहर (337.02 लाख) से हुई है। इसके अलावा लातूर, नांदेड़ और परभणी जिलों में भी बड़ी मात्रा में बिजली चोरी पकड़ी गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com