

Chhatrapati Sambhajinagar Industrial Gas Crisis: छत्रपति संभाजीनगर केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा प्रोपेन और ब्यूटेन गैस का उपयोग केवल घरेलू एलपीजी उत्पादन के लिए आरक्षित रखने के निर्णय के बाद औद्योगिक उपयोग के लिए एलपीजी गैस की आपूर्ति अचानक बंद कर दी गई है।
इस निर्णय से छत्रपति संभाजीनगर के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित कई उद्योगों पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर मंगलवार को मराठवाडा स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (मासिआ) की अनिल विश्वासराव चव्हाण सभागार, मोरे चौक, वालुज में मासिआ के अध्यक्ष अर्जुन गायकवाड की अध्यक्षता में उद्योगपतियों की आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि उद्योगों के लिए ईंधन की सतत और स्थिर आपूर्ति अत्यंत आवश्यक होती है। कई औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह एलपीजी गैस पर आधारित है।
गैस आपूर्ति अचानक बंद होने से उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। अध्यक्ष गायकवाड ने बताया कि छत्रपति संभाजीनगर के उद्योगों की स्थिति से केंद्र और राज्य सरकार तथा संबंधित विभागों को अवगत कराने के लिए, मासिआ की ओर से तत्काल पत्राचार किया गया है।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि खाड़ी देशों में उत्पन्न युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके साथ ही एलपीजी गैस की आपूर्ति अचानक रुकने से उद्योगों की उत्पादन प्रक्रिया बाधित हो रही है।
उद्यमियों ने एलपीजी के विकल्प के रूप में डीजल, बिजली, सीएनजी गैस तथा अन्य ऊर्जा स्रोतों के उपयोग की संभावनाओं पर भी वर्चा की, हालाकि कई उद्यमियों ने बताया कि अधिकांश इकाइयों की उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह एलपीजी पर आधारित होने के कारण तत्काल किसी अन्य ईंधन पर स्थानांतरण करना तकनीकी रूप से कठिन और अत्यधिक खर्चीला है। विशेष रूप से पाउडर कोटिंग उद्योगों में एलपीजी गैस का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। गैस आपूर्ति बंद होने के कारण शहर के कुछ पाउडर कोटिंग यूनिट मंगलवार से ही बंद हो गए हैं। यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में अन्य यूनिट भी बंद होने की आशंका व्यक्त की गई।
बैठक में यह भी कहा गया कि उद्योगों पर बड़ी संख्या में श्रमिकों का रोजगार निर्भर है। यदि उत्पादन बंद होता है तो श्रमिकों के रोजगार पर भी संकट उत्पन्न हो सकता है।
इसके अलावा सखाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, ऑटो कंधोनेट, रसायन, प्लास्टिक और भी एल्यूमिनियम प्रसंस्करण जैसे कई उद्योग एलपीजी पर निर्भर है, जिससे पूरी औद्योगिक श्रृंखला प्रभावित होने की संभावना है। साथ ही रोजगार पर भी असर पड़ेगा,
उद्यमियों ने सरकार से मांग की कि उद्योगों के लिए एलपीजी गैस की आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जाए या वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में मासिआ के अध्यक्ष अर्जुन गायकवाड, पूर्व अध्यक्ष किरण जगताप, उपाध्यक्ष मनीष अग्रवाल और राहुल मोगले, सचिव सचिन गायके, कोषाध्यक्ष सर्जेराव सालुके सहित कार्यकारिणी सदस्य राजेश मानधनी, अजय गांधी, जगदीश जोशी तथा उद्यमी प्रदीप चौधरी, हरीश पठाडे, श्रीराम शिंदे, पाडुरंग विडेकर सहित कुल 48 उद्यमी उपस्थित थे।