

Sambhajinagar Arjun Khotkar Victory Case: छत्रपति संभाजीनगर पूर्व विधायक व भारतीय जनता पार्टी के नेता कैलाश गोरंट्याल को करारा झटका लगा है। जालना विधानसभा चुनाव में विजयी विधायक अर्जुन खोतकर की जीत को चुनौती देने वाली याचिका को बॉम्बे उच्च न्यायालय के औरंगाबाद खंडपीठ ने खारिज कर दिया है, न्यायमूर्ति किशोर संत ने यह फैसला सुनाते हुए याचिका प्रारंभिक स्तर पर ही यह कहकर निरस्त कर दी कि कृषि उपज बाजार समिति में प्रशासक लाभ का पद नहीं है।
2024 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना (शिंदे गुट) के अर्जुन खोतकर ने कांग्रेस प्रत्याशी कैलास गोरंट्याल को शिकस्त दी थी। तदुपरांत खोतकर की जीत को गोरंट्याल ने अदालत में चुनौती दी थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि खोतकर जालना कृषि उपज बाजार समिति के मुख्य प्रशासक पद पर थे। यह लाभ का पद होने के चलते उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य बनाता है।
साथ ही, उनके नामांकन पत्र के साथ जमा किया गया हलफनामा निर्धारित प्रारूप में नहीं था। इसके अलावा गोरंट्याल ने चुनाव आयोग पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए इसका लाभखोतकर को मिलने का दावा किया था।
इस पर खोतकर की ओर से दायर आवेदन में कहा गया कि याचिका में लगाए गए आरोपों में कोई ठोस आधार नहीं होने से इसे शुरुआती स्तर पर ही खारिज किया जाए।
खोतकर की ओर से वरिष्ठ वकील संजीव देशपांडे ने दलील दी कि स्थानीय निकाय में कोई पद विस चुनाव लड़ने के लिए अयोग्यता नहीं बनता। ऐसी अयोग्यता केवल राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में लागू होती है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि खोतकर का हलफनामा निर्धारित प्रारूप में था और उसमें सभी जरूरी जानकारी दी गई थी। चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप भी बेबुनियाद हैं व उनके समर्थन में कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने खोतकर की आपत्ति स्वीकार करते हुए गोरंट्याल की याचिका खारिज कर दी।