छत्रपति संभाजीनगर: जायकवाडी में लबालब पानी, सिंचाई,पेयजल,उद्योग के लिए राहत; शिरसाट ने दिए नियोजन के निर्देश

Jayakwadi Dam Full Water: जायकवाडी बांध के पूर्ण क्षमता से भरने पर मराठवाड़ा को जल संकट से राहत मिली है। पालकमंत्री शिरसाट ने सिंचाई, उद्योग और पेयजल के लिए पानी के नियोजित उपयोग के निर्देश दिए।
Marathwada Jayakwadi Dam Full Water Sanjay Shirsat
जायकवाडी जलपूजन(फोटो नवभारत)
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Jayakwadi Dam Full Water Relief: नासिक और अहिल्यानगर जिलों के आसपास हुई अच्छी बारिश के चलते जायकवाडी बांध में बड़े पैमाने पर पानी की आवक हुई है। बांध के पूर्ण क्षमता तक भर जाने से मराठवाड़ा पर मंडरा रहा संभावित जल संकट फिलहाल टल गया है।

हालांकि भविष्य में पानी की कमी न हो, इसके लिए उपलब्ध जलसाठे का अत्यंत सावधानी और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग करना जरूरी है। कृषि सिंचाई, उद्योगों और नागरिकों की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जलसंपदा विभाग को अभी से पानी के उपयोग की समुचित योजना तैयार करनी चाहिए, यह निर्देश जिले के पालकमंत्री संजय शिरसाट ने दिए।

जायकवाडी बांध के 100 प्रतिशत भरने के अवसर पर शनिवार को पैठण स्थित नाथसागर जलाशय का पालकमंत्री संजय शिरसाट के हाथों विधिवत जलपूजन किया गया। इस अवसर पर विधायक विलास भुमरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

मराठवाड़ा की जीवनरेखा है जायकवाडी

पालकमंत्री शिरसाट ने कहा कि जायकवाडी बांध मराठवाड़ा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जल परियोजना है। इस परियोजना से क्षेत्र की कृषि सिंचाई के साथ उद्योगों और नागरिकों की पेयजल जरूरतें पूरी होती हैं। इस वर्ष बांध पूरी क्षमता से भरना निश्चित रूप से संतोष की बात है, लेकिन उपलब्ध पानी का जिम्मेदारी से उपयोग करना उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जलसाठा पर्याप्त होने के बावजूद यदि उसका नियोजन के बिना उपयोग किया गया तो भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए संबंधित विभागों को पानी के वितरण और उपयोग का दीर्घकालीन नियोजन करना चाहिए। सिंचाई के साथ औद्योगिक और पेयजल की जरूरतों को संतुलित रखते हुए पानी का इस्तेमाल किया जाए।

किसानों में खुशी का माहौल

विधायक विलास भुमरे ने कहा कि मराठवाड़ा की जीवनरेखा माने जाने वाले नाथसागर में इस वर्ष बड़ी मात्रा में पानी की आवक हुई है। इससे किसानों और नागरिकों में खुशी का वातावरण है। जलाशय में जमा पानी केवल जलसाठा नहीं, बल्कि कृषि, उद्योग, पेयजल और मराठवाड़ा के समग्र विकास के लिए नई उम्मीद है। उन्होंने कहा कि प्रकृति से मिली इस अमूल्य जलसंपदा का संरक्षण और उसका उचित उपयोग करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गोदावरी की विधिवत पूजा

जलपूजन के दौरान पालकमंत्री शिरसाट ने नाथसागर जलाशय की विधिवत पूजा की। गोदावरी नदी की साड़ी-चोली से ओटी भरकर श्रीफल अर्पित किया गया। जायकवाडी परियोजना के नियंत्रण कक्ष परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रकृति की ओर से प्राप्त जलसंपदा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

इस अवसर पर महापौर समीर राजूरकर, विभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत, जिलाधिकारी विनय गौडा जी.सी., उपविभागीय अधिकारी नीलम बाफना, नगरसेविका हर्षदा शिरसाट, अधीक्षक अभियंता राजेंद्र धोडपकर, कार्यकारी अभियंता गणेश हासे, उपअभियंता श्रद्धा निंबालकर, तहसीलदार ज्योति पवार, गटविकास अधिकारी मनोरमा गायकवाड, उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुनील पाटील, पुलिस निरीक्षक महादेव गोमारे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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सिंचाई और पेयजल के लिए राहत

जायकवाडी बांध के पूरी क्षमता से भरने के बाद मराठवाड़ा में कृषि सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक जलापूर्ति को लेकर बड़ी राहत मिली है। पर्याप्त जलसाठे के कारण आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों की पानी की जरूरतें पूरी करने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि प्रशासन के सामने अब इस जलसंपदा को अगले वर्ष तक सुरक्षित रखने और जरूरत के अनुसार उसका संतुलित उपयोग करने की चुनौती भी है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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