छत्रपति संभाजीनगर में नकली खाद व ओवररेटिंग पर बड़ा एक्शन; 150 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, 7 स्थायी रद्द

Sambhajinagar Agriculture: संभाजीनगर, जालना व बीड़ में नकली खाद और ओवररेटिंग पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन; डीएम विनय गौडा की फटकार के बाद 150 से अधिक कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित और 7 स्थायी रद्द
Agriculture department suspends licenses of 150+ agri centers and cancels 7 in Sambhajinagar, Jalna, & Beed for selling fake fertilizers and overcharging farmers.
जिलाधिकारी विनय गौडा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Chhatrapati Sambhajinagar Fake Fertilizer: छत्रपति संभाजीनगर में नकली खाद की बिक्री, निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचने, पक्का बिल नहीं देने तथा बिना लाइसेंस खाद विक्रय जैसे गंभीर मामलों में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते संभाजीनगर, जालना व बीड़ जिलों के 150 से अधिक कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। इसके अलावा सात कृषि विक्रेताओं के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में सीधे पुलिस में अपराध दर्ज कराया गया।

इन केंद्रों के खिलाफ किसानों की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने सीधे जिला प्रशासन से शिकायत की थी। इसके बाद जिलाधिकारी विनय गौडा जीसी ने कृषि अधिकारियों को फटकार लगाई, जिसके बाद विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाकर यह कार्रवाई की।

एक ओर किसानों को ऑनलाइन ऐप के माध्यम से खाद प्राप्त करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ कृषि सेवा केंद्रों की ओर से भी किसानों को ठगे जाने के मामले सामने आए हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए तीनों छत्रपति संभाजीनगर जिलों में जांच व कार्रवाई तेज कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों की शिकायतों पर आगे भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी व नियमों का उल्लंघन करने वाले कृषि सेवा केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

41 हजार से अधिक खाद बुकिंग दर्ज

विभागीय कृषि सह निदेशक सुनील वानखेड़े ने बताया कि जिले में अब तक 41 हजार से अधिक खाद बुकिंग दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से लगभग 5,200 मीट्रिक टन खाद की वास्तविक खरीद भी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन ऐप में आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिसके कारण किसानों की प्रतिक्रिया लगातार बढ़ रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com