ग्राम पंचायत प्रशासक विवाद की सुनवाई अब मुंबई में, प्रशासक नियुक्ति पर कानूनी चुनौती
Sambhajinagar Administrator Appointment: ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने मुख्यपीठ मुंबई स्थानांतरित कर दिया है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Bombay High Court Legal Petition: छत्रपती संभाजीनगर जनवरी 2026 से दिसंबर 2026 के बीच जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है वहां प्रशासक नियुक्त करने संबंधी ग्राम विकास विभाग के पत्र को चुनौती देने वाली नांदेड़ जिले को मसलगा ग्राम पंचायत के सरपंच पंजाबराव वड्जे पाटील की याचिका को बॉम्बे उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने मुंबई स्थित मुख्यपीठ को स्थानांतरित कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विभा कंकणवाड़ी व न्यायमूर्ति हितेन वेणेगांवकर की खंडपीठ ने दिया। ग्राम विकास विभाग के अवर सचिव ने 23 जनवरी 2026 को राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों व जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए थे कि जनवरी 2026 से दिसंबर 2026 के दौरान जिन ग्रापं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है व नवगठित ग्राम पंचायतों में नियमित चुनाव संपन्न होकर नई ग्रापं अस्तित्व में आने तक, नियमों के अनुसार प्रशासक नियुक्त करने की जरूरी कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी कहा गया था कि इस प्रक्रिया में उच्च न्यायालय की अवमानना न हो, इसकी पूरी सावधानी बरती जाए।
प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप
याचिकाकर्ता पंजाबराव वडजे पाटील का सरपंच पद का कार्यकाल 10 फरवरी 2026 को समाप्त होने से उन्होंने एड, चंद्रकांत ठोंबरे के जरिए औरंगाबाद पीठ में याचिका दाखिल की थी।
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याचिका में उनका कहना था कि ग्रापं अधिनियम की धारा 151 में निर्धारित प्रावधानों का पालन किए बिना ग्राम विकास विभाग ने प्रशासक नियुक्ति के आदेश जारी किए है, जो कानून के विरुद्ध है।
