

Chhatrapati Sambhajinagar Fuel Crisis: छत्रपति संभाजीनगर शहर और जिले में पेट्रोल और डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी कई पेट्रोल पंपों पर 'नो स्टॉक' के बोर्ड लगे दिखाई दिए। हालात ऐसे रहे कि वाहन चालकों को ईंधन के लिए एक पंप से दूसरे पंप तक भटकना पड़ा। कई स्थानों पर लंबी कतारें लगी रहीं और स्टॉक खत्म होने के बाद लोगों को बिना ईंधन लिए लौटना पड़ा।
इस बीच प्रशासन द्वारा नियमित मांग से 30 प्रतिशत अधिक ईंधन आपूर्ति का दावा किए जाने के बावजूद नागरिकों में असंतोष दिखाई दे रहा है। जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को सामान्य मांग की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक ईंधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी विनय गौडा ने दावा किया कि जिले में अतिरिक्त
पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। लेकिन शुक्रवार को भी शहर के कई पेट्रोल पंप बंद दिखाई दिए। वहीं खुले पंपों पर भारी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होती रही। वाहन चालकों का कहना है।
जिला आपूर्ति विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले में कुल 2178 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध था। इसमें से 661 किलो लीटर की बिक्री हुई और दिन के अंत तक 1517 किलोलीटर पेट्रोल शेष था। वहीं शनिवार को 765 किलोलीटर अतिरिक्त पेट्रोल मिलने की संभावना जताई गई है इसी प्रकार शुक्रवार को जिले में 2580 किलोलीटर डीजल का भंडार उपलब्ध था। जिसमें से 1272 किलो लीटर की बिक्री हुई। शनिवार को 1255 किलो लीटर अतिरिक्त डीजल आपूर्ति होने की संभावना बताई गई है।
प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों के कारण लोगों में भय का माहौल पैदा हुआ है। कई लोग जरूरत से अधिक ईंधन भरवा रहे हैं। जिससे कृत्रिम दबाव की स्थिति बन रही है। जिलाधिकारी विनय गौडा ने नागरिकों से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चालू है।
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से पंपों पर भीड़ न लगाने की भी अपील की है। छत्रपति संभाजीनगर जिला आपूर्ति अधिकारी प्रवीण फुलारी ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर ईंधन संकट या परिवहन बंद होने जैसी भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ साइबर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से ऐसे संदेश आगे न भेजने का आग्रह किया प्रशासन ने कहा है कि लोग डर के कारण वाहनों की टंकियां पूरी भरवा रहे हैं और कैन तथा डिब्बों में अतिरिक्त ईंधन जमा कर रहे हैं।