5 हजार अवैध निर्माण तोड़े गए, लेकिन सड़कें नहीं बनीं, अब MNC करेगी पूरा ट्रैफिक सर्वें

Sambhaji Nagar Municipal Corporation के आयुक्त जी श्रीकांत ने जानकारी दी है कि सड़क के चौड़ीकरण के काम अंतर्गत अतिक्रमण को हटाया गया। अब खबर आ रही है कि काम पूरा होने में समय लग सकता है।
Ch. Sambhaji Nagar Municipal Corporation
छत्रपति संभाजी नगर महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News: महानगरपालिका आयुक्त जी श्रीकांत ने बताया कि मनपा द्वारा शहरों के विविध भागों में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत अतिक्रमण को ध्वस्त किया। अतिक्रमणों को हटाने के बाद तत्काल सड़क निर्माण के कामों को प्रारंभ होगा।

ऐसी अपेक्षा नागरिकों को थी। लेकिन सड़क विकास का डीपीआर और सड़कों के विकास के लिए निधि के अभाव के कारण आज तक कामों को प्रारंभ ही नहीं हो पाया है। शहर के यातायात का सघन अध्ययन करके पेडको संस्था सड़क विकास का डीपीआर तैयार करेंगे। यह डीपीआर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने प्रस्तुत करेंगे।

मनपा ने पहले तीन चरणों में आठ सड़कों के चौड़ीकरण के लिए सड़क चौड़ीकरण के अवैध और अतिक्रमित निर्माणों का निरीक्षण किया। इस अभियान में लगभग पांच हजार निर्माणों को प्रस्तुत करेंगे। मनपा ने पहले तीन चरणों में आठ सड़कों के चौड़ीकरण के लिए सड़क चौड़ीकरण के अवैध और अतिक्रमित निर्माणों का निरीक्षण किया।

इस अभियान में लगभग पांच हजार निर्माणों को ध्वस्त किया गया। इसके बाद, आम जनता को उम्मीद थी कि, सड़कों पर वास्तविक काम शुरू हो जाएगा। लेकिन इस बीच, मनपा ने सड़क विकास की डीपीआर तैयार करने के लिए सरकारी एजेंसियों के लिए काम करने वाली एजेंसी 'पेडको' को नियुक्त करने का फैसला किया है। एजेंसी ने डीपीआर तैयार करने का फैसला किया है। शहर की किन सड़कों पर यातायात का घनत्व कितना है, इसका अध्ययन करने के बाद डीपीआर तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री के सामने करेंगे पेश

छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के आयुक्त जी श्रीकांत ने कहा है कि 6 महावीर चौक से पुणे-मुंबई मार्ग पर दिन में कितने वाहन चलते हैं। जालना मार्ग पर कितने वाहनों की आवाजाही होती है। पैठण मार्ग पर दिन में कितने वाहन चलते हैं। इसका विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद सड़क विकास के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। डीपीआर तैयार होने के बाद उसे मुख्यमंत्री फडणवीस के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद आवश्यक धनराशि की मांग की जाएगी।

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