तकनीकी गड़बड़ी से देवगिरी नागरी सहकारी बैंक को झटका, 13 खाताधारकों पर 27.84 लाख रुपये हड़पने का आरोप

Sambhajinagar Banking Glitch: छत्रपति संभाजीनगर स्थित देवगिरी नागरी सहकारी बैंक की कोर बैंकिंग प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी के बाद 76 खातों से लगभग 66।95 लाख रुपये के ऑनलाइन लेनदेन सामने आए।
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Devgiri Nagari Cooperative Bank (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Devgiri Nagari Cooperative Bank: देवगिरी नागरी सहकारी बैंक की कोर बैंकिंग प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ी के कारण 76 खातों से एक ही रात में करीब 66.95 लाख रुपये के ऑनलाइन लेनदेन हुए। बैंक को अधिकांश राशि वापस मिल गई, लेकिन 13 खाताधारकों ने कथित तौर पर तकनीकी खामी का फायदा उठाकर खातों में वास्तविक शेष राशि नहीं होने के बावजूद 27 लाख 84 हजार 591 रुपये निकाल लिए। इस मामले में क्रांति चौक पुलिस थाने में 13 खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

बैंक अधिकारी अनिल प्रभाकर सुतवणे की शिकायत के अनुसार, 2 जनवरी 2026 की रात ग्राहकों को बेहतर डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कोर बैंकिंग प्रणाली में नया सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया था। इसके बाद तकनीकी गड़बड़ी के कारण राशि निकालने के बावजूद खातों में पुरानी शेष राशि दिखाई देती रही। इसका लाभ उठाकर कुछ ग्राहकों ने बार-बार लेनदेन किए।

सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद बैंकिंग गड़बड़ी

अगले दिन जांच में पता चला कि राज्य की विभिन्न शाखाओं के 76 खातों में 66 लाख 95 हजार 638 रुपये का डेबिट बैलेंस बन गया था। कई लोगों ने आईएमपीएस और एनईएफटी के माध्यम से राशि अन्य खातों में स्थानांतरित की, जबकि कुछ ने एटीएम से नकद निकासी की। बैंक ने कुछ लेनदेन निरस्त कर 11 लाख रुपये से अधिक की राशि वापस प्राप्त की। वहीं लगातार संपर्क और समझाइश के बाद 19 लाख 11 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई। इसके बावजूद 13 खाताधारकों से 27.84 लाख रुपये की वसूली बाकी है।

66.95 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन

जांच में सामने आया कि जालना नहीं बल्कि जलगांव निवासी ओम निंबा मोरे ने सबसे अधिक 21 लाख 77 हजार 534 रुपये निकाले। बैंक द्वारा बार-बार संपर्क करने और सायबर पुलिस की जांच में उपस्थित रहने के निर्देश के बावजूद संबंधित खाताधारकों ने न तो राशि लौटाई और न ही जांच में सहयोग किया। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच उपनिरीक्षक उत्तम जाधव कर रहे हैं।

(नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट)

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