

Chhatrapati Sambhajinagar CMRDA Chief G Shrikant: छत्रपति संभाजीनगर वसंभागीय तथा छत्रपति संभाजीनगर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (सीएमआरडीए) आयुक्त जी। श्रीकांत ने कहा कि वालूज क्षेत्र के उद्योगों केशहर के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाने से आज टोयोटा जैसे उद्योग आ रहे हैं व जिला इलेट्रिक व्हीकल कैपिटल के रूप में पहचाने जाना लगा है।
औद्योगिक क्षेत्र की अनियमितताओं को दूर कर इस क्षेत्र को आदर्श औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए उद्यमियों को चाहिए कि वे गुंठेवारी नियमितीकरण प्रक्रिया में भाग लें। आश्वस्त किया कि वर्ग-2 जमीन को गलत तरीके से वर्ग-1 में परिवर्तित करने, बगैर अनुमति हस्तांतरण या बिक्री की गई जमीनों के मामलों को भी गुंठेवारी नियमितीकरण प्रक्रिया में शामिल कर तहसीलदार व नायब तहसीलदार से मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।
वालूज एसोसिएशन ऑफ स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (मासिआ) कार्यालय में गुंठेवारी नियमितीकरण प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन संगोष्ठी में विचार रख रहे थे। महानगर नियोजनकार हर्षल बाविस्कर, सहआयुक्त अंजलि धानोरकर, उपमुख्य लेखा व वित्त अधिकारी साधना बांगर, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक करुणा खरात उपस्थित थे। जी। श्रीकांत ने कहा कि वालूज एमआईडीसी क्षेत्र में अवैध निर्माणों से बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है। स्थित मराठवाड़ा
महानगर के नियोजित व सतत विकास के लिए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विकास योजनाओं में जरूरी संशोधन जारी हैं। छत्रपति संभाजीनगर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण की सीमा में आने वाले नागरिकों को कम दरों पर बेटरमेंट चार्ज जमा कर गुंठेवारी नियमित करने का मौका दिया गया है। जी. श्रीकांत ने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने कर महज 31 दिसंबर 2020 से पहले के बगैर अनुमति वाले निर्माण ही नियमित किए जाएंगे।
इसके बाद के निर्माणों को अवैध मान हटाया जाएगा। प्राधिकरण की ओर से वालूज औद्योगिक क्षेत्र व 36 गांवों के झालर क्षेत्र के लिए नई जलापूर्ति योजना, कचरा प्रबंधन, फायर स्टेशन निर्माण व सड़क विकास कार्य शीघ्र शुरू करने का वादा भी उन्होंने किया।
बैठक में अभय योजना के तहत गुंठेवारी विकास नियमितीकरण के लिए शुल्क रियायत की जानकारी भी दी गई। 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक बेटरमेंट चार्ज पर सिर्फ 10 प्रश शुल्क लिया जाएगा। इसके बाद 1 अगस्त 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक 50 प्रश व 1 नवंबर 2026 से पूर्ण शुल्क लागू होगा विभागीय आयुक्त ने बताया कि,
उद्यमियों की शंकाओं के समाधान व आवेदन स्वीकार करने के लिए मासिआ कार्यालय में प्राधिकरण अधिकारी मार्गदर्शन कर रहे हैं। गुंठेवारी नियमितीकरण
प्रमाण-पत्र व भवन अनुमति के बिना बैंकों को गृह ऋण मंजूर नहीं करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।