8 साल तक मरे हुए मरीज का चला इलाज! बीड बाईपास के अस्पताल का खौफनाक सच रोंगटे खड़े कर देगा

Medical Fraud Beed Bypass: चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली घटना। मृत मरीज को 8 साल तक कोमा में बताकर किया इलाज। मनपा ने गठित की 5 सदस्यीय समिति, अस्पताल की मान्यता रद्द करने का नोटिस।
Shocking medical fraud: A hospital on Beed Bypass treated a dead patient for 8 years by claiming he was in a coma. NMC forms a 5-member committee for probe.
अस्पताल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Dead Patient Treatment Scam: डॉक्टर भले ही ईश्वर का दूसरा रूप समझे जाते हैं, मगर गलती छिपाने के लिए चिकित्सा पद्धति का आधार लेकर मृत मरीज को कोमा में दर्शाने व 8 वर्षों तक उसका उपचार करने का संगीन प्रकरण सामने आने के बाद मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने 5 सदस्य समिति का गठन किया है।

डॉ. पल्लवी हिवराले, डॉ. डिंपल परदेशी, डॉ. प्रेरणा संकलेजा, पंजीयन लिपिक प्रवीण रांजणगांवकर, प्रयोग शाला सहायक राजेंद्र कुंभारीकर की जांच समिति ने अस्पताल प्रशासन ने मरीज के 2 वर्ष पहले ही मृत होने की जानकारी देकर फाइल देने से इनकार कर दिया था।

वर्ष 2018 में बीड़ बाईपास पर स्थित नामी अस्पताल में मरीज को उसका भाई किडनी (गुर्दा) देने आने के बाद देखा कि वह स्थाई रूप से कोमा में चला गया है। 8 वर्षों तक श्रीकांत पर उपचार जारी था व प्रकरण की शिकायत मनपा से करने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी पारस मंडलेचा ने 5 सदस्यों को चिकित्सकों की समिति गठित करने के आदेश दिए थे।

समिति ने जारी की रिपोर्ट

समिति ने अस्पताल की जांच शुरू करने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने दस्ते को बैरंग लौटाकर जानकारी देने से इनकार कर दिया। समिति ने रिपोर्ट में कहा कि श्रीकांत की 2 वर्ष पहले ही उपचार के दौरान मृत्यु हुई है। अस्पताल प्रशासन को बॉम्बे नर्सिंग रजिस्ट्रेशन एक्ट के अनुसार नोटिस जारी कर पूछा कि मान्यता क्यों रद्द न की जाए। श्रीकांत मौत मामले की जानकारी व रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।

पूरी सच्चाई आएगी सामने

मनपा स्वास्थ्य अधिकारी पारस मंडलेचा ने बताया मनपा के स्वास्थ्य विभाग को मिली शिकायत के बाद समिति की स्थापना कर प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं। तफ्तीश के दौरान पूरी सच्चाई सामने आएगी।

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