Sambhajinagar: टेंडर विवाद में पालक मंत्री संजय शिरसाट समेत 6 आरोपी बरी, शिकायतकर्ता भी पलटा

पालक मंत्री Sanjay Shirsat और पांच अन्य आरोपियों को टेंडर विवाद में मारपीट के मामले में अदालत ने बरी कर दिया है। मुख्य कारण सबूतों की कमी और शिकायतकर्ता द्वारा बयान पलटना बताया गया है।
पालक मंत्री Sanjay Shirsat
पालक मंत्री संजय शिरसाट (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar News In Hindi: टेंडर विवाद को लेकर मारपीट के एक मामले में पालक मंत्री संजय शिरसाट समेत छह आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है। मनपा के पूर्व सभागृह नेता सुशील खेड़कर की शिकायत पर दर्ज हुए।

इस मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव और शिकायतकर्ता द्वारा अपने बयान से पलट जाने के चलते यह निर्णय सुनाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आर एस जांबोटकर ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। 18 जनवरी 2020 को खेड़कर ने वेदांत नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि विधायक संजय शिरसाट ने उन्हें मिस कॉल कर टेंडर मामले में बातचीत के लिए कोकणवाड़ी स्थित कार्यालय बुलाया।

खेड़कर अपने दो साथियों के साथ पहुंचे तो वहां शिरसाट ने सातारा देवलाई का टेंडर वापस लेने का दबाव बनाया। इंकार करने पर शिरसाट ने कथित तौर पर उनके साथ गालीगलौज की और थप्पड़ मारा। वहीं, राजेंद्र जंजाल ने कॉलर पकड़कर मारा। राजू राजपूत, विजय पैठणे और नीलेश नरवड़े ने भी मारपीट की। इस घटना में खेड़कर को सिर, पीठ और सीने पर चोटें आई थीं। वेदांत नगर पुलिस ने केस दर्ज किया था।

शिकायतकर्ता अपने बयान से पलटा

हालांकि, सुनवाई के दौरान खेड़कर ने अदालत में कहा कि उनके साथ केवल मामूली विवाद हुआ था और किसी ने धारदार हथियार से हमला नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस में दी गई शिकायत सही तो है, लेकिन उसमें जो कुछ लिखा गया, उसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। गवाहों ने भी अभियोजन पक्ष के दावे की पुष्टि नहीं की, जिससे केस कमजोर पड़ा। सरकारी वकील भी कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकें। नतीजतन, अदालत ने संजय शिरसाट, अनिल बिरारे, विजय पैठणे, नीलेश नरवडे, राजू राजपूत और राजेंद्र जंजाल को बरी कर दिया।

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