ऑनलाइन जूतों का ऑर्डर पड़ा भारी: पेमेंट के बाद नहीं मिला पार्सल, आयोग ने बाटा-ब्लू डार्ट पर ठोका जुर्माना

Online Shopping Fraud: छत्रपति संभाजीनगर में उपभोक्ता कोर्ट ने ऑनलाइन जूते मंगाने पर पेमेंट लेकर भी डिलीवरी न देने पर बाटा इंडिया और ब्लू डार्ट को दोषी ठहराते हुए हर्जाना भरने का आदेश दिया है।
Chhatrapati Sambhajinagar Consumer Court fined Bata India and Blue Dart for keeping a customer's UPI payment without delivering the online order. Refund ordered with interest.
Online Shopping Fraud (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chhatrapati Sambhajinagar Online Shopping Fraud: छत्रपति संभाजीनगर कैश ऑन डिलीवरी के जरिए ऑनलाइन जूते मंगाने के बावजूद डिलीवरी के समय यूपीआई पेमेंट करने का दबाव बनाना व भुगतान प्राप्त होने के बाद भी सामान की डिलीवरी न करना, बाटा इंडिया लिमिटेड व ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड को महंगा पड़ गया।  जिला ग्राहक शिकायत निवारण आयोग ने दोनों कंपनियों को ग्राहक सेवा में त्रुटि का दोषी मानते हुए ग्राहक को 45 दिनों में ब्याज संग राशि लौटाने का आदेश दिया है।

आदेश का पालन नहीं करने पर अतिरिक्त 2 फीसदी ब्याज देना होगा। जिला ग्राहक तक्रार निवारण आयोग के अध्यक्ष सादिक अली सैयद, सदस्य जान्हवी भिड़े व सदस्य गणेशकुमार सेलूकर की पीठ ने दोनों कंपनियों को संयुक्त रूप से ग्राहक को 8 फीसदी ब्याज सहित 3,999 रुपये लौटाने के निर्देश दिए हैं।

मानसिक प्रताड़ना के लिए 2,000 रुपये और शिकायत खर्च के रूप में 1,000 रुपये देने का आदेश भी दिया है। म्हसोबा नगर निवासी एड. करण तुपे ने मामले में आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने 24 फरवरी 2025 को बाटा इंडिया लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट से 'हश पपीज' कंपनी के 3,999 रुपये कीमत के फॉर्मल शूज ऑर्डर कर भुगतान का विकल्प कैश ऑन डिलीवरी चुना गया था। अगले दिन ऑर्डर की पुष्टि संबंधी ई-मेल भी मिला।

पैसे मिलने के बाद भी नहीं दिया गया पार्सल

ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड का डिलीवरी कर्मी 4 मार्च को पार्सल लेकर पहुंचा, मगर उसने नकद राशि लेने से इनकार करते हुए यूपीआई भुगतान करने को कहा। इस दौरान तुपे के पिता ने क्यूआर कोड स्कैन किया। हालांकि, हड़बड़ी में पार्सल पर मौजूद बाटा इंडिया लिमिटेड का क्यूआर कोड स्कैन हो गया व 3,999 रुपये सीधे कंपनी के खाते में जमा हो गए।

भुगतान के बावजूद डिलीवरी कर्मी ने यह कहते हुए पार्सल देने से मना कर दिया कि राशि लॉजिस्टिक कंपनी के खाते में नहीं पहुंची है। तदुपरांत तुपे ने उसी दिन कंपनी में शिकायत दर्ज कराने के बाद शिकायत क्रमांक देकर राशि लौटाने का वादा किया था। बाद में सिर्फ औपचारिक जवाब दिए गए। न पैसे लौटाए गए और न ही पार्सल की डिलीवरी की गई।

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