

Chhatrapati Sambhajinagar Traffic Police Action: छत्रपति संभाजीनगर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,239 ऑटो रिक्शा चालकों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की गई। इस अभियान में कुल 19 लाख 2 हजार 200 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) सुभाष भुजंग ने बताया कि, शहर में बढ़ती यातायात अव्यवस्था और ऑटो चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी की लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर 13 जुलाई को सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक विशेष अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से ऑटो खड़ा करना, बिना निर्धारित वर्दी के वाहन चलाना, चालक के पास लाइसेंस नहीं होना, आगे की सीट पर यात्री बैठाना, लंबे समय से लंबित चालान होने के बावजूद वाहन चलाना तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। जांच के दौरान कुल 1,239 ऑटो रिक्शा चालकों के खिलाफ चालान काटे गए और उनसे 19।02 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, पुलिस उपायुक्त शर्मिष्ठा घारगे-वालावलकर तथा सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) सुभाष भुजंग के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में पुलिस निरीक्षक मंगेश जगताप, पवन चौधरी, सहायक पुलिस निरीक्षक रविकांत गच्चे तथा यातायात शाखा के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन करने वाले ऑटो चालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, जबकि मनमानी करने वाले चालकों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। साथ ही सभी ऑटो चालक और अन्य वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन कर अनुशासित ढंग से वाहन चलाने की अपील की गई है।
पुलिस की इस औचक और बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई से शहर के नियम तोड़ने वाले ऑटो चालकों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस के इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में ऑटो चालकों की मनमानी के कारण लगातार ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती थी। माना जा रहा है कि इस सख्त कार्रवाई के बाद शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा और आम जनता को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट