

Sambhajinagar Waterlogging Problem: छत्रपति संभाजीनगर शहर के शिवाजी नगर अंडरपास की बढ़ती समस्याओं और लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने सोमवार 6 अप्रैल को आपात बैठक आयोजित कर तत्काल उपाय योजनाओं को गति देने के निर्देश दिए अंडरपास में बारिश का पानी जमा होना, कीचड़ के कारण फिसलन और बड़े वाहनों की आवाजाही से होने वाली यातायात बाधा पर चर्चा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, शिवाजी नगर अंडरपास की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
बारिश के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं। पानों के साथ बहकर आने वाली मिट्टी के कारण सड़क कीचड़ से भर जाती है, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक बन जाता है।
लगातार दुर्घटनाएं होने से नागरिकों में भय का माहौल है। यह बैठक महापौर समोर राजूरकर के कक्ष के पास स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक में उपमहापौर राजेंद्र जंजाल, स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये और आयुक्त अमोल येडगे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
हालांकि इस परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रेलवे विभाग का कोई भी अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं रहा, जिस पर प्रशासन ने नाराजगी जताई। बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि अंडरपास के निर्माण में कई विभागों की भूमिका रही है।
अंडरपास में बड़े वाहनों के कारण अकसर जाम की स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए गर्डर की ऊंचाई 3.4 मीटर से घटाकर 3 मीटर करने का निर्णय लिया गया है। ताकि ऊंचे वाहनों की आवाजाही रोकी जा सके।
साथ ही सड़क चौड़ीकरण के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को तुरंत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए। अंडरपास में पानी जमा होने से बचाने के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज लाइन का काम तेज करने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा जमा पानी और कीचड़ निकालने के लिए मड पंप लगाने का निर्णय लिया गया है।