38 किमी जलवाहिनी का काम पूरा, अब ट्रायल की बारी, नई जलापूर्ति योजना अंतिम चरण में

Pipeline Project: छत्रपति संभाजीनगर की नई जलापूर्ति योजना ने अहम पड़ाव पार किया। जायकवाड़ी–नक्षत्रवाड़ी 38 किमी मुख्य जलवाहिनी का काम पूरा, अगले 10 दिन में ट्रायल शुरू होने का दावा।
38 किमी जलवाहिनी का काम पूरा, अब ट्रायल की बारी, नई जलापूर्ति योजना अंतिम चरण में
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोसल मीडिया )
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Water Supply Project Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर शहरवासियों की प्यास बुझाने में अहम समझी जाने वाली नई जलापूर्ति योजना शनिवार को अहम चरण तक पहुंच गई है। जायकवाड़ी से नक्षत्रवाड़ी के बीच बिछाई जाने वाली 38 किमी लंबी मुख्य जलवाहिनी का काम आखिरकार पूर्ण हो गया है।

सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो अगले दस दिन में पूरी योजना का परीक्षण शुरू करने का दावा प्रकल्प का काम करने वाली जीवीपीआर कंपनी के महाप्रबंधक महेंद्र गोगूलोथू ने किया।

महत्त्वाकांक्षी योजना की लागत 2,740 करोड़

योजना के प्रत्यक्ष रूप से कार्यान्वित होने के बाद शहर की जलापूर्ति स्थिति में आमूलचूल बदलाव आएगा। यहीं नहीं, शहर की दिशा व दशा भी बदलेगी।

गोगूलोथू ने कहा कि नई जलापूर्ति योजना के लिए 2,500 मिमी व्यास की मुख्य जलवाहिनी बिछाए जाने के बाद जीवीपीआर कंपनी ने वेल्डिंग व वेल्डिंग की गुणवत्ता की जांच आदि सभी कार्य पूरे किए थे।

जुलाई 2022 में काम शुरू होने के बाद वह साकार होने में पूरे 910 दिन लगे। उनका कहना रहा कि पिछले सप्ताह में शेष तीन गैप जोड़ने का काम भी पूर्ण किया गया है।

गोगूलोथू ने कहा कि महत्त्वाकांक्षी योजना का कुल लागत खर्च 2,740 करोड़ रुपए है व उसमें से 560 करोड़ रुपए सिर्फ मुख्य जलवाहिनी पर खर्च किए गए हैं। यह कहना गलत नहीं होगा कि योजना का सर्वाधिक तकनीकीदृष्टया चुनौती भरा चरण अब पूरा हो गया है।

मनपा आयुक्त ने किया था मुआयना

  • मनपा के प्रशासक जी. श्रीकांत ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को प्रत्यक्ष तौर पर मुआयना कर देखा कि जायकवाड़ी बांध में बनाए गए जैकवेल की स्वच्छता प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।
  • इस आलोक में गोगुलोधू ने कहा कि जैकवेल की स्वच्छता पूर्ण होने के बाद योजना की तत्काल जांच की जाएगी।
  • उनका मत था कि नई जलापूर्ति योजना के अंतर्गत जलशुद्धिकरण केंद्र व मास्टर बैलन्स रिजवॉयर (एमबीआर) पूर्ण तरीके से तैयार है व सभी तंत्र कार्यान्वित होने के लिए सज्ज हैं। ऐसे में दिस दिनों में जांच प्रक्रिया प्रत्यक्ष रूप से शुरू होगी।
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