25 साल की सत्ता में शहर को बनाया कंगाल, अमोल मिटकरी का सत्ताधारियों पर तीखा हमला

NCP Election Rally: चुनावी सभा में एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने सत्ताधारियों पर तीखा हमला करते हुए गुंठेवारी, कमीशनखोरी और परिवारवाद के मुद्दे पर सवाल खड़े किए।
In 25 years of power, they have bankrupted the city; Amol Mitkari launches a scathing attack on those in power
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Sambhajinagar Politics: छत्रपति संभाजीनगर एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने चुनावी सभा में आक्रामक अंदाज में विरोधियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शहर और आसपास के इलाकों में अलग-अलग दल कहीं अकेले तो कहीं गठबंधन में चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन जनता को पिछले 20-25 वर्षों में सत्ता में रहने वालों से केवल वादे ही मिले हैं।

गुंठेवारी का मुद्दा आज भी जस का तस है, जिसे सत्ता में रहने वालों ने जानबूझकर लंबित रखा। मिटकरी ने मनपा में बड़े पैमाने पर कमीशन खोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि मनपा में चुनकर आने वाले कई नेताओं की संपत्तियां कुछ ही वर्षों में कई गुना बढ़ गई हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि इतना पैसा आखिर कहां से आ रहा है। साथ ही परिवारवाद पर बोलने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि खुद अपने परिवार के दो सदस्यों को चुनाव मैदान में उतारने वाले दूसरों को उपदेश दे रहे हैं।

यह कह कर उन्होंने पालकमंत्री संजय शिरसाट का नाम लिये बिना उन पर निशाणा साधा। उन्होंने पिंपरी-चिंचवड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि एक बार जनता से गलती हुई तो वहां विकास ठप हो गया।

वोट के बदले दी जा रही है नकदी

मिटकरी ने चेतावनी दी कि एक तरफा आरोप लगाने वालों को करारा जवाब दिया जाएगा और विरोध करने वालों की जमानत जब्त होगी अजित पवार का बचाव करते हुए मिटकरी ने कहा कि एक भी ऐसा भाषण दिखा दें जिसमें अजित पवार ने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बात की हो। उन्होंने अजित पवार को सेक्युलर नेता बताते हुए कहा कि 'लाडकी बहन' योजना के जनक वही है और उन्होंने इसे कानूनी सुरक्षा दी है। जब तक अजित पवार सत्ता में हैं, तब तक कोई भी इस योजना को बंद नहीं कर सकता मिटकरी ने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर वोट के बदले भारी रकम बांटी जा रही है और बिनविरोध चुनाव कराकर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।

महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता : अदिती

राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि यदि सरकारी सहायता महिलाओं के पतियों के खातों में डाली जाती, तो महिलाओं के हाथ में मात्र डेढ़ सौ रुपये भी नहीं आते।

इसी कारण सरकार ने महिलाओं के नाम पर सीधे आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है, ताकि उनका आत्मनिर्भरता का सपना साकार हो सके। उन्होंने घोषणा की कि महिलाओं के लिए 600 पिंक रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे।

साथ ही यह भी कहा कि यदि आगामी चुनाव में जनता ने अच्छा समर्थन दिया, तो विभाग की ओर से 1000 पिंक रिक्शा देने की पूरी तैयारी है। मंत्री तटकरे ने बताया कि जब अजित पवार सरकार में शामिल हुए थे, तब उन्होंने स्पष्ट भूमिका रखी थी कि वे अपने विचारों से समझौता नहीं करेंगे। सर्वधर्म समभाव की नीति पर सरकार अडिग है।

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