

Anti Encroachment Drive: छत्रपति संभाजीनगर मनपा ने शहर को अतिक्रमण मुक्त करने और नदी नालों के जल प्रवाह को सुचारु बनाने के लिए अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। नारेगाव क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई के ठीक अगले ही दिन, गुरुवार को मनपा के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने बेगमपुरा इलाके में स्थित खाम नदी के किनारे बने अवैध निर्माणों पर बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक किया। कड़े पुलिस बंदोबस्त के बीच चली इस कार्रवाई में भैंसों के 6 अवैध तबेले और स्क्रैप जमा करने के लिए बनाया गया एक विशाल गोदाम JCB की मदद से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 10 बजे मनपा के अतिक्रमण विभाग का दस्ता बेगमपुरा श्मशान भूमि क्षेत्र में दाखिल हुआ। अधिकारियों ने खाम नदी के किनारे लंबे समय से जमे अवैध निर्माणों को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया। मनपा प्रशासन का कहना है कि इन अवैध तबेलों और कबाड़ गोदामों के कारण ऐतिहासिक खाम नदी का किनारा बेहद संकरा (तंग) हो गया था। इसके चलते बारिश के दिनों में नदी का जल प्रवाह प्रभावित होने और आसपास के रिहाइशी इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा लगातार बढ़ रहा था। इसी गंभीर समस्या को भांपते हुए प्रशासन ने एक के बाद एक सभी 6 अवैध तबेलों को मलबे में तब्दील कर दिया और कबाड़ के गोदाम को पूरी तरह खाली कराकर सीज कर दिया।
जब मनपा के जेसीबी ने अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू किया, तो मौके पर मौजूद कुछ अतिक्रमणकारियों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई को रोकने का प्रयास करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, मनपा के नागरिक सहायता दल और बेगमपुरा पुलिस थाना के भारी पुलिस बंदोबस्त के कारण स्थिति तुरंत नियंत्रण में आ गई। किसी भी संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति या अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। यह पूरी कार्रवाई दोपहर 3 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से चलती रही।
छत्रपति संभाजीनगर मनपा के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नदी किनारे अवैध रूप से व्यवसाय और निर्माण करने वाले इन लोगों को पहले ही आधिकारिक सूचना पत्र (Notice) जारी कर जगह खाली करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, अतिक्रमणकारियों ने समय रहते अवैध निर्माण नहीं हटाए, जिसके बाद प्रशासन को यह दंडात्मक और सख्त रुख अख्तियार करना पड़ा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदी के प्राकृतिक स्वरूप को बहाल करना और मॉनसून के दौरान शहर को जलभराव से बचाना है।
यह पूरी बड़ी कार्रवाई मनपा की सहायक आयुक्त लता पुजारी, अतिक्रमण विभाग के संजय सुरडकर और बेगमपुरा पुलिस स्टेशन के निरीक्षक नरेंद्र पापलकर के संयुक्त नेतृत्व में बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। मनपा प्रशासन ने शहर के नागरिकों को चेतावनी देते हुए साफ कर दिया है कि यह अतिक्रमण विरोधी अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह लगातार जारी रहेगा।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट