

Chhatrapati Sambhajinagar Bakery Gas Cylinder Blast: छत्रपति संभाजीनगर गारखेड़ा क्षेत्र में जानकी होटल के पास स्थित कृष्णा बेकरी स्वीट मार्ट व हेडगेवार अस्पताल क्षेत्र स्थित सुनील विला नामक तीन मंजिला इमारत में रविवार तड़के आग लग गई। बेकरी में आग के दौरान एक जंबो गैस सिलेंडर में विस्फोट होने से क्षेत्र दहल गया। धमाके से इमारत की दीवारों में दरारें पड़ने के साथ ही कुछ ईंटें सड़क पर आ गिरीं।
इसी दौरान दमकल कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए दुकान के अंदर रखा दूसरा जंबो गैस सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकालने से बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के कारण व नुकसान का आकलन देर रात तक नहीं हो सका। आग लगने की सूचना रात दो बजे मिलने पर दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची व आग बुझाने का कोशिश की कि अचानक दुकान में रखा एक जंबो गैस सिलेंडर फट गया।
विस्फोट इतना तेज था कि इमारत की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई व ईंटें सड़क पर गिरने से कुछ समय के लिए राहत व बचाव कार्य रोकना पड़ा। स्थिति सामान्य होने के बाद दमकल कर्मियों ने पुनः दुकान में प्रवेश करने पर भीतर एक और जंबो गैस सिलेंडर मिला।
ड्यूटी अधिकारी चेतन तरोले ने साहस दिखाकर उसे सुरक्षित बाहर निकालने से दूसरा विस्फोट बच गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अभियान में ड्यूटी अधिकारी चेतन तरोले, वैभव बाकले, अशोक वेलदोड़े, संदीप चव्हाण, सूरज राठौड़, अमीर शेख, योगेश दुधे, अब्दुल वासे, विजय कोथमिरे, जगदीश गायकवाड़, राजू ताटे, पांडुरंग मोठे और नंदकुमार घुगे ने हिस्सा लिया।
हेडगेवार अस्पताल परिसर स्थित सुनील विला नामक तीन मंजिला इमारत के भूतल पर बने पार्किंग क्षेत्र में रविवार सुबह अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची व समय रहते आग पर काबू पा लिया, सौभाग्यवश घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
मकान मालिक कमल गुरबानी ने बताया कि गत डेढ़ वर्ष से वे इस इमारत में तीन परिवार रह रहे हैं। आग की शुरुआत बिजली के मीटर से हुई। हालांकि, आग लगने का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। आग दमकल विभाग अधिकारी चेतन तरोले, अग्निशमन कर्मी अशोक वेलदोडे, बाबासाहेब ताटे, विलास झरे, बालासाहेब मुंगले व बालासाहेब गव्हाड़ तत्काल मौके पर पहुंचे।
घटनास्थल पर कुछ ठेका कर्मियों को हेलमेट व अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के बिना आग बुझाने का कार्य करते देखकर उपमहापौर राजेंद्र जंजाल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि कोई दुर्घटना होती, तो कर्मियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
उन्होंने दमकल विभाग से सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग भी की। आग लगने वाली जगह से कुछ ही दूरी पर पेट्रोल पंप होने के चलते स्थानीय लोगों में काफी देर तक दहशत का माहौल बना रहा, लोगों ने कहा कि यदि आग और फैलती या स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाती, तो बड़े हादसे की प्रबल आशंका थी। आग के पूरी तरह बुझने के बाद ही आसपास के लोगों को राहत मिली।