

Chhatrapati Sambhajinagar Traffic Safety: छत्रपति संभाजीनगर शहर में सड़क चौड़ीकरण के बाद भी बीच सड़क में खड़े रह गए बिजली के खंभों की समस्या अब जल्द खत्म होने जा रही है। लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बन रहे इन खंभों को हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘लिनर इलेक्ट्रिकल’ कंपनी को 27 करोड़ रुपये का ठेका प्रदान किया है। इस निर्णय से शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
छत्रपति संभाजीनगर शहर में पिछले कुछ वर्षों से विभिन्न प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया गया था, लेकिन संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे सड़क के बीचों-बीच ही खड़े रह गए। इससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विशेषकर रात के समय और तेज रफ्तार यातायात के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ था। नागरिकों और सामाजिक संगठनों द्वारा कई बार इस मुद्दे को उठाया गया था।
अब प्रशासन ने इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाते हुए छत्रपति संभाजीनगर शहर के 9 प्रमुख मार्गों से कुल 586 बिजली के खंभों को हटाने और स्थानांतरित करने की योजना तैयार की है। इसमें उच्च दबाव (एचटी) बिजली लाइन के 209 खंभे और निम्न दबाव (एलटी) बिजली लाइन के 377 खंभे शामिल हैं। संबंधित कार्य का ठेका ‘लिनर इलेक्ट्रिकल’ कंपनी को सौंपा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि यातायात पर कम से कम प्रभाव पड़े। खंभों को हटाने के साथ-साथ बिजली लाइनों को भी सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुचारु और सुरक्षित हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद बीच सड़क में मौजूद बिजली के खंभे गंभीर दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते हैं। कई बार वाहन चालक अचानक सामने आए खंभों से टकरा जाते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है। ऐसे में यह परियोजना नागरिक सुरक्षा की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।