छत्रपति संभाजीनगर के 23 पार्षदों पर लटकी अयोग्यता की तलवार, चुनावी शिकायतों की फाइलें फिर से खुलेंगी

Sambhajinagar Corporators Disqualification: छत्रपति संभाजीनगर के 23 नगरसेवकों की सदस्यता पर संकट गहरा गया है। आचार संहिता खत्म होने के बाद अयोग्यता संबंधी शिकायतों की जांच फिर से तेज होगी।
Chhatrapati Sambhajinagar Corporators Disqualification Probe Resumes
छत्रपति संभाजीनगर (सोर्स: AI)
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Chhatrapati Sambhajinagar Corporators Disqualification: महानगरपालिका के 23 नगरसेवकों की सदस्यता पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। तीसरी संतान, अतिक्रमण, चुनावी शपथ पत्र में गलत जानकारी देने और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में बाधा डालने जैसे मामलों में प्राप्त शिकायतों पर अब दोबारा कार्रवाई शुरू होने जा रही है। विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता के कारण पिछले एक महीने से रुकी जांच प्रक्रिया अब फिर से गति पकड़ेगी।

शिकायतकर्ताओं  का ये हैं कहना

महानगरपालिका चुनाव संपन्न हुए करीब पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन पराजित उम्मीदवारों और अन्य शिकायतकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं पर कार्रवाई अभी भी जारी है। चुनाव विभाग के पास 23 नगरसेवकों के खिलाफ विभिन्न प्रकार की शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें चुनावी नियमों के उल्लंघन और पात्रता से जुड़े गंभीर आरोप शामिल हैं।

शिकायतों में तीसरी संतान संबंधी नियम का उल्लंघन, अवैध निर्माण और अतिक्रमण से जुड़े आरोप, नामांकन के समय दाखिल शपथ पत्र में गलत अथवा अधूरी जानकारी देने तथा अतिक्रमण हटाने की सरकारी कार्रवाई का विरोध करने जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। कई शिकायतकर्ताओं ने अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और अन्य प्रमाण भी प्रस्तुत किए हैं।

कुछ मामलों की शिकायत सीधे राज्य निर्वाचन आयोग तक भी पहुंची है। आयोग ने संबंधित मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश महानगरपालिका प्रशासन को दिए हैं। इसी के आधार पर पिछले कुछ महीनों से विभिन्न प्रकरणों की जांच की प्रक्रिया चल रही थी।

दोबारा खोली जाएंगी फाइलें

हालांकि, संभाजीनगर-जालना स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र की विधान परिषद चुनाव प्रक्रिया और लागू आचार संहिता के कारण यह कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। अब चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद लंबित प्रकरणों की फाइलें दोबारा खोली जाएंगी और जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रत्येक शिकायत की अलग-अलग जांच की जाएगी। संबंधित नगरसेवकों से आवश्यक स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी मामले में आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित नगरसेवक के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई की सिफारिश भी की जा सकती है।

इन शिकायतों पर दोबारा कार्रवाई शुरू होने से महानगरपालिका के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि जांच के बाद किन मामलों में कार्रवाई आगे बढ़ती है और किन शिकायतों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बंद किया जाता है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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