पुराने नक्शे रद्द, छत्रपति संभाजीनगर में 1 अप्रैल से जनगणना की शुरुआत; महापालिका ने तेज की तैयारियां

Sambhajinagar Census: छत्रपति संभाजीनगर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होगी। नगररचना विभाग नए नक्शे बनाएगा और हर 400–700 नागरिकों पर एक गणनाकार समूह तय किया जाएगा।
Old maps cancelled, census to begin in Chhatrapati Sambhajinagar from April 1st; the municipal corporation has intensified preparations
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Municipal Corporation Survey: छत्रपति संभाजीनगर करीब 15 वर्षों बाद होने जा रही जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत 1 अप्रैल से होने वाली है। इसके मद्देनजर महापालिका प्रशासन ने अत्यंत सूक्ष्म, चरणबद्ध और नियोजनबद्ध तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला प्रशासन के निर्देशों के अनुसार शहर के प्रत्येक हिस्से का विस्तार से सर्वे कर नए गणनाकार (प्रगणक) समूह तय किए जाएंगे।

महापालिका के नगररचना विभाग की ओर से जनगणना के लिए आवश्यक नए नक्शे तैयार किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार 140 से 160 घरों अथवा 400 से 700 नागरिकों को मिलाकर एक स्वतंत्र गणनाकार समूह बनाया जाएगा। पिछली जनगणना के दौरान बनाए गए समूहों और नक्शों को रद्द कर वर्तमान शहर संरचना के अनुसार नए समूह और नक्शे तैयार किए जाएंगे।

दस वर्ष में एक बार होने वाली जनगणना वर्ष 2010-11 में संपन्न हुई थी। उस समय शहर की जनसंख्या 12 लाख 28 हजार दर्ज की गई थी। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोरोना महामारी के कारण टल गई थी। अब लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद जनगणना को हरी झंडी मिली है और प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुट गया है।

शहर के 29 प्रभाग, पिछले डेढ़ दशक में हुआ शहरी विस्तार, बढ़ती जनसंख्या, ऐतिहासिक इमारतें, प्रमुख सड़कें, धार्मिक स्थल, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान तथा यातायात सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए गणनाकार समूहों की रचना की जाएगी। जनगणना के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति भी अंतिम चरण में है।

जनगणना से जुड़ी तकनीकी जिम्मेदारी नगररचना विभाग के पास रहेगी। प्रत्यक्ष जानकारी संग्रहण का कार्य जोन कार्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी करेंगे। जनगणना दलों द्वारा सूचित क्षेत्रों के नक्शे नगररचना विभाग के अधिकारी तैयार करेंगे।

प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी

जनाएका कोलारस विशारद बनाने के लिए सरकार द्वारा जनगणना को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा इसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके अलावा जनगणना कर्मियों को टैबलेट दिए जाएंगे जिनमें नागरिकों का डेटा दर्ज किया जाएगा।

ऐप के जरिए भरी गई जानकारी का सत्यापन कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा। जनगणना कार्य के लिए नगररचना विभाग से दो कर्मचारियों को तकनीकी अधिकारी के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। ये कर्मचारी जनगणना दल का हिस्सा होंगे। नगररचना विभाग स्वतंत्र रूप से अलग से गणनाकार समूहों के नक्शे तैयार नहीं करेगा।

- मनोज गर्जे. उपसंचालक, नगररचना विभाग. मनपा

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