डीजे मुक्त आंबेडकर जयंती मनाने का संकल्प, सर्वसम्मति से किए गए प्रस्ताव पारित

DJ-Free Ambedkar Jayanti: मुकुंदवाड़ी बौद्ध समाज ने डीजे मुक्त आंबेडकर जयंती व 30 मिनट में विवाह समारोह पूरा करने का संकल्प लिया, बौद्ध संस्कारों में एकरूपता पर जोर दिया।
डीजे मुक्त आंबेडकर जयंती मनाने का संकल्प
डीजे मुक्त आंबेडकर जयंती मनाने का संकल्प (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Buddhist Community Resolutions Aurangabad: मुकुंदवाड़ी के राम नगर स्थित तक्षशिला बौद्ध विहार में आयोजित तीसरी एकदिवसीय धम्म संगीति में बौद्ध समाज की ओर से कई अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें डॉ। बाबासाहेब आंबेडकर जयंती डीजे मुक्त वातावरण में मनाने व विवाह समारोह मात्र 30 मिनट में पूरा करने की सहमति बनी। यह प्रस्ताव चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके साथ ही डीजे मुक्त आंबेडकर जयंती मनाने का फैसला किया गया। यही नहीं, अगली चौथी धम्म संगीति का 4 जनवरी 2026 को नाशिक में आयोजन करने का ऐलान किया गया।

तीन सत्रों में संपन्न हुई संगीति में स्पष्ट किया गया कि बौद्ध संस्कार पद्धति में एकरूपता बेहद जरूरी है। बौद्ध समाज के त्योहार कैसे व किस रूप में मनाने बाबत स्पष्ट व मार्गदर्शक गाइड लाइन बनाने, दैनिक काम व व्यवहार में विवादित शब्दावली से बचते हुए वैकल्पिक बौद्ध टर्मिनोलॉजी विकसित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। धम्म संगीति में पारित सभी प्रस्ताव कठोरता से लागू करने सहमति बनी।

मुख्य रूप से इनकी रही मौजूदगी

इस मौके पर अध्यक्ष मंडल के रूप में देहू के टेक्सास गायकवाड़, आचार्य रवींद्र भालशंकर, भिक्षु डॉ. एम सत्यपाल, महास्थविर राहुल खांडेकर, डॉ. रवींद्र मुंद्रे, अशोक तीनगोटे व प्रा. सुधीर कांबले मौजूद रहे। कार्यक्रम सफल के लिए वरिष्ठ बौद्धाचार्य वीके वाघ, आसाराम गायकवाड़, सखाराम धानोरकर, प्रा.भारत शिरसाट, सुनील वाकेकर, अरविंद अवसरमोल, कृष्णा सालवे, अनंत भवरे, भानुदास बागुल ने परिश्रम किए। परिचय अशोक सरस्वती (नागपुर) ने कराया व प्रो. शिरसाट ने आभार माना।

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संस्कृति व ज्ञान को प्राथमिकता; इस अवसर पर संस्कृति व ज्ञान को प्राथमिकता देकर आंबेडकर जयंती व बुद्ध जयंती शांतिपूर्ण व सांस्कृतिक वातावरण में मनाने, पारंपरिक संगीत वाद्ययंत्रों का इस्तेमाल, सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने, विवाह समारोह समय पर व 30 मिनट में सभी रस्में पूर्ण करने, पाली भाषा के प्रचार-प्रसार को भी गति देने का संकल्प लिया गया।

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