छत्रपति संभाजीनगर: गुढ़ी पाड़वा पर जलापूर्ति योजना को हरी झंडी, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला; जल्द मिलेगी राहत

Aurangabad Water Supply Project: छत्रपति संभाजीनगर की नई जलापूर्ति योजना को हाईकोर्ट की मंजूरी, गुढ़ी पाड़वा से जैकवेल में पानी भरने और जल्द आपूर्ति शुरू होने की तैयारी।
Chhatrapati Sambhajinagar: Water Supply Scheme Green-lit on Gudi Padwa; High Court Delivers Major Verdict—Relief Expected Soon.
Chhatrapati Sambhajinagar Bombay High Court Order ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Bombay High Court Order: छत्रपति संभाजीनगर शहर की बहुप्रतीक्षित नई जलापूर्ति योजना को लेकर मंगलवार को मुंबई उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। न्यायालय ने 19 मार्च को गुढ़ी पाड़वा के शुभ अवसर पर जैकवेल में पानी भरने की अनुमति दे दी है।

इसके बाद 22 या 23 मार्च तक जैकवेल पूरी तरह भरने पर यह पानी मुख्य जलवाहिनी में छोड़ने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति अभय मंत्री ने दिए, न्यायालय के 7 मार्च के आदेश के अनुसार महानगर पालिका आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों ने 16 मार्च को जैकवेल परियोजना का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया था।

इस निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट महानगरपालिका की ओर से एड. संभाजी टोपे ने न्यायालय में प्रस्तुत की। इस दौरान महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के अधिकारी, महानगरपालिका के अभियंता तथा ठेकेदार कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री के सहयोग की हुई सराहना

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस महत्वाकाक्षी परियोजना के लिए मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की, साथ ही सभी अधिकारियों को एक टीम के रूप में कार्य करते हुए आने वाली समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए, न्यायालय ने परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की। साथ ही सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर भ्रामक जानकारी या अनावश्यक आलोचना से बचने का आग्रह किया।

परीक्षण पूरा होने की संभावना

इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 मार्च 2026 की होगी, तब तक योजना के तहत वास्तविक जलापूर्ति की परीक्षण प्रक्रिया पूरी होने की संभावना जताई गई है, इस सुनवाई में मनपा की ओर से एड. संभाजी टोपे, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की ओर से वरिष्ठ विधि विशेषज्ञ राजेंद्र देशमुख, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से वरिष्ठ विवि विशेषज्ञ संजीव देशपांडे, ठेकेदार कंपनी की और से आर.एन. चोर्डे, न्यायालय के मित्र के रूप में एड. शंभूराजे देशमुख तथा मूल याचिकाकर्ता अधिवकता अमित मुखेडकर ने पक्ष रखा। न्यायालय में पेश किए गए रिपोर्ट के अनुसार जैकवेल के काम में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैदीवारी और स्तंभों की मरम्मत-जैकवेल में 200 से अच्कि स्थानों पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि परीक्षण प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

नव वर्ष गुड़ी पाड़वा से शुद्ध जल मिलने की जगी उम्मीद

बता दें कि 120 स्थानों का काम पूरा हो चुका है शेष कार्य 18 मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए है रिसाव पर नियंत्रण ठेकेदार द्वारा अधिकांश रिसाव बंद कर दिए गए हैं। शेष तीन स्थानों पर अगले दो दिनों में काम पूरा किया जाएगा। मलबा हटाना-स्थल से लगभग 75 ट्रकों के बराबर मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। क्रेन हटाकर क्षेत्र को सुरक्षित रूप से सील कर दिया गया है विशेष सामग्री की उपलब्धता पाइपलाइन के लिए आवश्यक कॉन्वएवस्ट्रा ईपी 75 की कमी थी। इस समस्या के समाधान के लिए मनपा आयुक्त ने गुजरात के भरूच जिले के प्रशासन से संपर्क कर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई है।

प्रत्यक्ष जलापूर्ति की तैयारी

पाइपलाइन की चरणबद्ध सफाई को जाएगी। जैकवेल में पानी भरने के तुरंत बाद इसे शहर में नहीं छोड़ा जाएगा। तकनीकी मानकों के अनुसार जैकवेल पूरी तरह भरने के बाद 22 या 23 मार्च को पानी मुख्य जलवाहिनी में लिया जाएगा।

इसके बाद पूरी जलवाहिनी की सफाई के लिए प्रत्येक चार किलोमीटर की दूरी पर पाइपलाइन फ्लशिंग यानी सफाई की प्रक्रिया की जाएगी। नई पाइपलाइन में मौजूद कचरा और निर्माण से जुड़े अवशेषों को हटाने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।

यह सफाई प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पानी शहर तक पहुंचाया जाएगा। ऐसे में नागरिकों को वास्तविक जलापूर्ति शुरू होने से पहले इन सभी तकनीकी प्रक्रियाओं के पूर्ण होने तक प्रतीक्षा करनी होगी।

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