

Chhatrapati Sambhajinagar 10 MLD Water Supply: छत्रपति संभाजीनगर शहर की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अमृत-2 जलापूर्ति योजना के तहत नए जल प्रकल्प से प्रत्यक्ष जल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) के नक्षत्रवाड़ी स्थित मास्टर बैलेंसिंग रिजर्वायर (एमबीआर) से गुरुवार को नगर निगम को 10 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही शहर में उपलब्ध कुल जलापूर्ति बढ़कर 175 एमएलडी तक पहुंच गई है, जिससे लंबे समय से बनी पानी की मांग और उपलब्धता के बीच की खाई कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत-2 योजना के अंतर्गत लगभग 2,740 करोड़ रुपये की लागत से इस नई जलापूर्ति परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। परियोजना का कार्य महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की निगरानी में जीवीपीआर कंपनी द्वारा किया जा रहा है। योजना के पहले चरण में शहर को प्रतिदिन 200 एमएलडी पानी उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे भविष्य में बढ़ती आबादी की जल आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा।
जानकारी के अनुसार, गुढी पड़वा के अवसर पर इस परियोजना की परीक्षण प्रक्रिया शुरू की गई थी। जायकवाड़ी बांध क्षेत्र में स्थित जैकवेल से करीब 38 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन के माध्यम से पानी नक्षत्रवाड़ी स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र तक पहुंचाया गया। यहां पानी का शुद्धिकरण करने के बाद उसे एमबीआर में संग्रहित किया गया। परीक्षण के दौरान जलप्रवाह, पाइपलाइन क्षमता और पानी की गुणवत्ता की विस्तृत जांच की गई, जिसके परिणाम संतोषजनक पाए गए।
इसके बाद विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति ने परियोजना का निरीक्षण किया और सभी तकनीकी मानकों की पूर्ति होने पर जलापूर्ति शुरू करने की मंजूरी प्रदान की। मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार से शहर को नए स्रोत से पानी उपलब्ध कराया जाने लगा।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में नक्षत्रवाड़ी एमबीआर में लगभग 20 एमएलडी पानी संग्रहित है। प्रारंभिक चरण में इसमें से 10 एमएलडी पानी शहर की वितरण व्यवस्था में छोड़ा गया है। आगामी दिनों में परियोजना के अन्य हिस्सों का कार्य पूरा होने के साथ जलापूर्ति की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी।
नगरवासियों को उम्मीद है कि अमृत-2 योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद पानी की कमी, अनियमित आपूर्ति और कम दबाव जैसी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी। यह परियोजना छत्रपति संभाजीनगर शहर की दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।