धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिजीत दीपके की मां का पहला बयान, कहा- बेटे पर फेंकी गई स्याही, बुखार में भी...

Abhijit Deepke Mother Statement: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद काकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके की मां का बयान आया है। जानिए उन्होंने क्या कहा।
Abhijit Deepke Mother Statement
अभिजीत दीपके की मां अनिता दीपके (फोटो नवभारत)
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Abhijit Deepke Mother Anita Dipke Statement: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से त्यागपत्र देने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच काकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और प्रमुख आंदोलनकारी अभिजीत दीपके की मां अनिता दीपके की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में नवभारत से एक्सक्लूसिव बातचीत करते हुए उन्होंने अपने बेटे के कठिन संघर्ष, जयपुर में हुई हिंसक घटना और जंतर-मंतर पर दिए गए लंबे धरने की पूरी दास्तान बयां की।

अभिजीत की मां अनिता दीपके ने भावुक होते हुए कहा कि आज मेरे बेटे की सालों की मेहनत रंग लाई है और उसे यश मिला है। एक मां होने के नाते यह पल मेरे लिए गर्व और राहत दोनों लेकर आया है।

अभिजीत दीपके मां ने बताया बेटे का संघर्ष

अपने बेटे के संघर्ष को याद करते हुए अभिजीत की मां बताया कि जब जयपुर में आंदोलन के दौरान अभिजीत पर स्याही फेंकी गई थी, तब पूरा परिवार बेहद डर गया था। उन्होंने कहा कि हमें उस समय उसकी सुरक्षा को लेकर गहरा डर सता रहा था। राजनीति और विरोध प्रदर्शनों का माहौल इतना उग्र हो गया था कि हर पल अनहोनी की आशंका बनी रहती थी। लेकिन अभिजीत ने कभी हार नहीं मानी और अपने संकल्प पर अडिग रहा।

बुखार में भी जंतर-मंतर छोड़ने को तैयार नहीं था अभिजीत

अभिजीत दीपके की मां ने बुधवार को हुई अपनी आखिरी बातचीत का जिक्र करते हुए एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन के दौरान अभिजीत का स्वास्थ्य काफी बिगड़ गया था। उन्होंने कहा कि बुधवार को जब मेरी उससे फोन पर बात हुई, तो उसे तेज बुखार था। उसकी तबीयत देखकर मैंने एक मां के नाते उससे मिन्नतें कीं कि वह सब छोड़-छाड़कर तुरंत घर वापस लौट आए। लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया।

मां के मुताबिक, अभिजीत ने फोन पर बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा था कि मां, जब तक हम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं ले लेते, तब तक मैं यहाँ से एक कदम भी पीछे नहीं हटूंगा। हम जंतर-मंतर पर ही डटे रहेंगे।

अभिजीत का यही संकल्प और जंतर-मंतर पर कार्यकर्ताओं का अटूट डटना आखिकार इस बड़े फैसले का कारण बना। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अभिजीत के समर्थकों और उनके परिवार द्वारा एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। देश भर के युवाओं और कार्यकर्ताओं में इस खबर के बाद से भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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