

Villages Affected By Heavy Rainfall In Sambhaji Nagar: जून से अब तक व गत तीन-चार दिनों से लगातार बारिश के चलते जिले के 587 गांव प्रभावित हुए हैं। जिले के 2 लाख, 62, 840 किसानों की कुल 2 लाख, 36 हजार 528.15 हेक्टेयर जमीन पर खड़ीं फसलें बर्बाद हो गई हैं।
इसमें 2 लाख 22,000 330.65 हेक्टेयर गैर सिंचित व 9 हजार 314.84 हेक्टेयर बागायती (सिंचित) व 4 हजार 882.66 हेक्टेयर फलों की बागान फसलें शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि अब तक नुकसानग्रस्त फसलों का महज 35,146.11 हेक्टेयर यानी 14.86 प्रश पंचनामा ही पूरा हो सका है।
लगातार बारिश के चलते पंचनामे की प्रक्रिया बाधित हो रही थी। अब बारिश कम होने के बाद विभागीय आयुक्त जितेंद्र पापलकर ने आदेश दिया है कि 5 अक्टूबर तक 100 प्रश पंचनामे पूरे किए जाएं।
प्रशासन ने प्रभावित किसानों को आश्वस्त किया है कि पंचनामा प्रक्रिया में तेजी लाकर उन्हें शीघ्र मुआवजा दिलाने के प्रयास किए जाएंगे, प्राकृतिक आपदा में अब तक जिले में 17 लोगों की मौत हुई है व 2 लोग घायल हुए है। 199 पशुओं के मरने की भी जानकारी सामने आई है। बारिश व बाद से कई घरों की भी तबाही हुई है। इनमें पूरी तरह दहे हुए पक्के व कच्चे मकान-3, आंशिक रूप से ना क्षतिग्रस्त पक्के मकान-253, आंशिक रूप से में क्षतिग्रस्त कच्चे मकान-389, गोठे (गौशाला)-7 व 1 झोपड़ी शामिल है।
आपूर्ति विभाग को राशन दुकानदारों को अनाज की आपूर्ति करने, जिला आपदा प्रबंधन कक्ष को सतर्क रहने, संभावित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को संक्रामक रोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाकर सुविधाएं समय पर निधर्धारित पहुंचाने के निर्देश स्वामी ने संबंधितों को दिए।
जिले में अतिवृष्टि के चलते बड़े पैमाने में खेती व घरों की क्षति होने के साथ ही नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर स्थानांतरित किया गया है। सभी तंत्रों को तालमेल रखकर उनके लिए भोजन की सुविधा, पानी व स्वास्थ्य सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश जिलाधिकारी दिलीप स्वामी ने दिए जिले के मदद व बचाव कार्यों का ऑनलाइन अवलोकन करने के बाद स्वामी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के नागरिकों को अनाज के पैकेट उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन को कुछ सामाजिक स्वयंसेवी संस्थाएं मदद करना चाहती हैं।