Ch. Sambhaji Nagar: अनूप कुमार की अध्यक्षता में हुई प्रभाग सुनवाई, कांग्रेस ने जताया कड़ा विरोध

महाराष्ट्र में जल्द ही निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। जिसमें 29 प्रभागों के प्रारुप योजना पर दर्ज 552 आपत्तियों और सुझावों पर 10 सितंबर को सुनवाई हुई। कांग्रेस पार्टी की ओर से इसका कड़ा विरोध हो रहा।
Chhatrapati Sambhaji Nagar
छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: महानगरपालिका के आम चुनाव के लिए प्रशासन द्वारा तैयार किए गए 29 प्रभागों के प्रारूप योजना पर दर्ज 552 आपत्तियों और सुझावों पर बुधवार, 10 को सुनवाई हुई।

मौलाना अबुल कलाम आजाद रिसर्च सेंटर में आयोजित सुनवाई की अध्यक्षता राज्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव डॉ अनूप कुमार ने की।प्रभाग संरचना में नक्शे, अंतर में विसंगतियां और अनुसूचित जाति-जनजाति बस्तियों के बड़े पैमाने पर विभाजन को लेकर सबसे अधिक आपत्तियां दर्ज की गयी।। महानगरपालिका चुनाव के लिए प्रभाग संरचना तैयार की गई थी। 29 प्रभाग बनने के बाद राज्य सरकार ने इसे मंजुरी दे दी। इस प्रभाग संरचना पर आपत्तियां और सुझाव 23 अगस्त से स्वीकार किए जाने शुरू हुए।

अनूप कुमार की रही उपस्थिति

4 अगस्त तक मनपा के चुनाव विभाग में 552 आपत्तियां दर्ज की गयी। राज्य सरकार ने इन आपत्तियों की सुनवाई के लिए महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव डॉ। अनूप कुमार को नियुक्त किया। बुधवार सुबह 10 बर्ज मौलाना अबुल कलाम आजाद रिसर्च सेंटर में डॉ। अनूप कुमार की मौजूदगी में सुनवाई शुरू हुई। मनपा प्रशासक जी। श्रीकांत, अतिरिक्त आयुक्त रंजीत पाटिल, उपायुक्त विकास नवले, अपर्णा घंटे, नंदकिशोर भोंसे आदि उपस्थित थे।

कांग्रेस का कड़ा विरोध

कांग्रेस पार्टी की ओर से शहर जिलाध्यक्ष शेख युसूफ ने सुनवाई में प्रभाग रचना पर विरोध जलते हुए मनपा आयुक्त व डॉ। अनूप कुमार का निषेध किया। उन्होंने आरोप लगाय कि भाजपा व शिद सेना को मनपा चुनाव में कायदा पहुंचाने के लिए प्रभानी की रखना बनायी गई। किसी भी भौगोलिक परिसीमा न जुटने के बाजूद उका प्रभाग रचना की गई है, प्रभाग रचना तैयार करते समय गत 10 सालों में वही जनसख्या की अनदेखी की गई। जिसके चलते 122 वार्ड हो सकते है। ऐसे में जनसंख्या कम कर हर प्रभाग की जनसंख्या 30 से 15 हजार की गई।

सीमाओं की अनदेखी का लगाया गया आरोप

आक्षेप दाखिल करने वालों को टोकन देकर अपनी बात रखने का मौका दिया गया। अधिकांश आपत्तियां नक्शे और अंतर में त्रुटियों पर केंद्रित थी। कुछ ने आरोप लगाया कि प्राकृतिक सीमाओं की अनदेखी की गई। उन्होंने ईबी तैयार करते समय सीरियल नंबर न डालने पर भी नाराजगी जताई। पूर्व नगरसेवक समीर राजुरकर ने भी अध्ययन कर त्रुटियों की ओर इशारा किया। सुनवाई की विशेषताएं: चूंकि प्रभाग बार चुनाव पहली बार हो रहे है, इसलिए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं की कोई खास भीड़ नहीं थी। डॉ अनूप कुमार ने सभी आपत्तियों को शांतिपूर्वक सुना। सुनवाई के दौरान प्राप्त उचित सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद प्रभाग में चदलाव किए जाएंगे। इसके बाद, एक संशोधित रिपोर्ट सरकार की भेजी जाएगी, यह जानकारी मनपा प्रशासक जी श्रीकांत ने दी।