मुंबई लोकल धमाके के मुस्लिम आरोपी बरी, तमतमाए ओवैसी, कहा- अब ATS पर हो एक्शन

Asaduddin Owaisi Reaction on Mumbai Train Blast Verdict: मुंबई लोकल ट्रेन ब्लास्ट मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बाद ऑल AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र सरकार और ATS पर भड़क गए।
Asaduddin Owaisi questions Maharashtra government on Mumbai train blast verdict
असदुद्दीन ओवैसी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Asaduddin Owaisi Reaction: बंबई उच्च न्यायालय द्वारा सभी 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी महाराष्ट्र सरकार और ATS पर भड़क गए। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसी पर 12 मुस्लिम लोगों का जीवन खराब करने का आरोप लगाया।

असदुद्दीन ओवैसी ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम धमाकों के मामले में बंबई उच्च न्यायालय द्वारा सभी 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बाद सोमवार को जानना चाहा कि क्या महाराष्ट्र सरकार अपने आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने मामले की जांच की थी।

बंबई उच्च न्यायालय ने आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है और ‘यह विश्वास करना मुश्किल है कि उन्होंने अपराध किया है। 11 जुलाई, 2006 को पश्चिमी लाइन पर मुंबई की उपनगरीय ट्रेनों में सात बम धमाके किए गए थे जिनमें 180 से अधिक लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे।

असदुद्दीन ओवैसी को सोशल मीडिया पोस्ट

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए ने लिखा कि मुस्लिम समुदाय के 12 पुरुष 18 साल तक उस अपराध के लिए जेल में रहे जो उन्होंने किया ही नहीं था। उनके सुनहरे दिन बीत चुके हैं। 180 परिवारों ने अपनों को खोया, कई घायल हुए-उनके लिए कोई समाधान नहीं है। क्या सरकार इस मामले की जांच करने वाले महाराष्ट्र एटीएस के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी?

2006 में महाराष्ट्र में सत्ता में रही पार्टियां भी जिम्मेदार

एआईएमआईएम प्रमुख ने आरोप लगाया कि 2006 में महाराष्ट्र में सत्ता में रही पार्टियां भी ‘यातना की शिकायतों को नज़रअंदाज' करने के लिए ज़िम्मेदार थीं। अक्सर निर्दोष लोगों को जेल में डाल दिया जाता है, और जब वे सालों बाद बरी होते हैं तो उनके पास अपनी जिंदगी फिर से शुरू करने का कोई रास्ता नहीं बचता।

ओवैसी ने आगे कहा कि गिरफ्तारी के बाद से 17 सालों में अभियुक्त एक बार भी जेल से बाहर नहीं आए हैं। ओवैसी ने कहा कि इस तरह के कई आतंकवादी मामलों में जांच एजेंसियों हमें बुरी तरह विफल कर चुकी हैं।

सांसद ओवैसी ने इस मामले में बरी हुए एक आराेपी के बारे में लिखा कि ''मोहम्मद माजिद बरी हुए। लेकिन पत्नी की माजिद से अंतिम बातचीत किए बिना ही मौत हो गई।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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