Anjangaon Surji News: अंजनगांव सुर्जी तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। विशेष रूप से अंजनगांवदर्यापुर महामार्ग पर स्थित विहिगांव फाटा से गांव की ओर जाने वाली एक किलोमीटर की डामर सड़क अपनी बदहाली के कारण अब जानलेवा साबित हो रही है। इस समस्या को लेकर शासन की उदासीनता के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अब आरपार की लड़ाई का मन बना लिया है।
जगह-जगह गहरे गड्ढे। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और इसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि आए दिन यहाँ दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। सबसे ज्यादा परेशानी गांव के मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर सड़क के कारण वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज कुरैशी ने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक लोक निर्माण विभाग अंजनगांव सुर्जी और दर्यापुर उपविभाग के अधिकारियों से कई बार पत्रव्यवहार कर सड़क मरम्मत की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने इसे अनसुना कर दिया। कुरैशी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सड़क की पहले जो मलमपट्टी पैच वर्क की गई थी, वह बेहद निकृष्ट दर्जे की थी। संबंधित अधिकारियों ने ठेकेदार को कार्रवाई से बचाने के लिए घटिया काम की अनदेखी की।
प्रशासनिक रवैये से नाराज होकर फिरोज कुरैशी, भगवान अभ्यंकर और अन्य ग्रामीणों ने 13 अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठने का निर्णय लिया है। इस संबंध में तहसीलदार पुष्पा सोलंके, सांसद बलवंत वानखड़े, विधायक गजानन लवटे और लोक निर्माण विभाग को लिखित निवेदन दिया जा चुका है।
आंदोलन में पूरी सड़क का नए सिरे से डामरीकरण करने, घटिया निर्माण और अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जाएंगी। अनशन के दौरान यदि किसी की जानहानि होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी, ऐसी चेतावनी आंदोलनकारियों ने दी है।