

Daryapur ST Bus Service News: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा बस किराये में हालिया बढ़ोतरी ने आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे नागरिकों के लिए यह फैसला और मुश्किलें बढ़ाने वाला साबित हो रहा है। खासकर ग्रामीण और मध्यम वर्गीय यात्री, जो पूरी तरह एसटी बस सेवा पर निर्भर हैं, इस बढ़ोतरी से काफी नाराज नजर आ रहे हैं।
एक ओर किराया बढ़ाया जा रहा है, तो दूसरी ओर बसों की स्थिति अब भी बेहद खराब बनी हुई है। यात्रियों का कहना है कि बिना सुविधाओं में सुधार किए किराया बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है। कई मार्गों पर चलने वाली बसों की छतें टपकती हैं, सीटें टूटी हुई हैं और खिड़कियां ठीक से बंद नहीं होतीं। साफ-सफाई का अभाव और सुरक्षा इंतजामों की कमी भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। इसके अलावा, बसों के समय पर न चलने से यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ता है।
सरकार अक्सर निगम के घाटे का हवाला देकर किराया बढ़ा देती है, लेकिन प्रबंधन की खामियों, भ्रष्टाचार और खराब नियोजन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। विशेषज्ञों का मानना है कि एसटी केवल एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की जीवनरेखा है। ऐसे में केवल राजस्व बढ़ाने के बजाय सेवा की गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता में सुधार करना जरूरी है।
डॉ. हर्षद हिवराले (दर्यापुर) का कहना है कि बसों की हालत देखकर यात्रा करना असुरक्षित लगता है। उनके अनुसार, पहले सुविधाओं में सुधार किया जाना चाहिए, तभी बढ़ा हुआ किराया उचित ठहराया जा सकता है। वहीं चंद्रशेखर मुन्नाभाई चौबे (यात्री) ने इसे “सरासर अन्याय” बताते हुए कहा कि रोजाना यात्रा करने वाले लोगों की आमदनी सीमित है, और किराया बढ़ने से उनका मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा।
कुल मिलाकर, किराया वृद्धि ने जनता की नाराजगी को और बढ़ा दिया है। जब तक सेवाओं में ठोस सुधार नहीं होता, तब तक इस तरह के फैसले आम लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि परेशानी का कारण ही बनेंगे।