

Hinganghat Dangerous Bridge: सुलतानपुर गांव के समीप स्थित खतरनाक एवं कम ऊंचाई वाले पुल की ऊंचाई तत्काल बढ़ाकर नए और मजबूत पुल का निर्माण करने तथा सुलतानपुर की ओर जाने वाले मार्ग का काम तत्काल शुरू करने की मांग को लेकर नागरिकों ने हिंगनघाट तहसीलदार एवं पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मांग पूरी नहीं होने पर तीव्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
वर्तमान में बारिश के कारण पुल पर बड़ी मात्रा में पानी आ रहा है। पुल की ऊंचाई कम होने से बारिश का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इसके कारण विद्यार्थियों, किसानों, मजदूरों, दूध व्यवसायियों तथा मरीजों को जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है। पुल पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पिछले वर्ष प्रशासन की ओर से पुल पर बने गड्ढों की मरम्मत की गई थी, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ। इस वर्ष फिर से पुल पर बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसलिए केवल गड्ढों की मरम्मत करने के बजाय पुल की ऊंचाई बढ़ाकर नया और सुरक्षित पुल बनाने का काम तत्काल शुरू किया जाए, ऐसी मांग नागरिकों ने की है।
ज्ञापन सौंपते समय सुलतानपुर के श्रीराम डाहाणे, गजानन निमरड, रविकिरण कुटे, प्रेम साबले, गजानन येलेकर, समीर भोयर, शुभम गलांडे, प्रज्वल भगत, आकाश भगत, कार्तिक पोहुकर, दीपक चिंचुलकर सहित अन्य नागरिक उपस्थित थे। इस आंदोलन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वर्धा जिलाध्यक्ष अतुल वांदिले उपस्थित रहेंगे।
नागरिकों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि दो दिनों के भीतर पुल एवं सड़क का निरीक्षण कर नए पुल के निर्माण को मंजूरी नहीं दी गई तो नंदोरी-हिंगनघाट मार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि के लिए प्रशासन जिम्मेदार रहेगा, ऐसा भी ज्ञापन में कहा गया है। सुलतानपुर एवं आसपास के क्षेत्र के नागरिक भी बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होने की तैयारी में हैं। नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल मांग पर ध्यान देकर पुल के निर्माण को मंजूरी देने की मांग की है।