

Amravati Har Ghar Nal Yojana: अमरावती केंद्र तथा राज्य की महत्वपूर्ण हर घर नल योजना के तहत जिला परिषद द्वारा अधिकांश अधूरे कार्य प्रलंबित होने के बावजूद इस योजना को पूर्ण होने की बात कहकर बंद कर दिया गया है।
ऐसा अहवाल अधिकारियों ने सरकार को भेज दिया है। जबकि वस्तुस्थिति इसके विपरीत है। इसमें अनेक ठेकेदार के पेमेंट अभी भी बकाया है। जिला प्रशासन द्वारा अपनी गलती को छिपाने के लिए इस प्रकरण में लीपापोती का प्रयास किया जा रहा है। इससे ठेकेदारों में भारी रोष देखा जा रहा है।
अमरावती केंद्र तथा राज्य की महत्वपूर्ण घर नल योजना वर्ष 2019 में शुरू करने की घोषणा की गई थी। केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा कार्यान्वित इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2023 था। कई इलाकों में यह योजना अधूरी अटकी है। चौंकानेवाली बात यह है कि इस महत्वपूर्ण योजना के पूरी होने का अहवाल सरकार को भेज दिया गया अब इस योजना में जिन ठेकेदारों ने काम किया, उन्हें इसका पेमेंट अभी तक नहीं मिला।
अमरावती केंद्र तथा राज्य की महत्वपूर्ण हर घर नल योजना के तहत गत 17 अगस्त को जिला परिषद ग्रामीण जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदार के साथ बैठक की। इस बैठक हेतु संबंधित ठेकेदार को व्हाट्सएप पर मैसेज कर बुलाया गया। केंद्र तथा राज्य सरकार की ओर से 31 जुलाई 2026 को 78.72 लाख तथा 25 अगस्त 2026 को 3 करोड़ 51 लाख रुपए ठेकेदारों को पेमेंट करने के लिए सरकार से जिला परिषद को निधि आई है, लेकिन जिला परिषद द्वारा अब यह योजना बंद कर देने से यह निधि ठेकेदार को वितरित नहीं की जा सकती।
ठेकेदारों का कहना है कि यह पूरा षडयंत्र अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र तथा राज्य सरकार को योजना पूरी होने के चलते, इसे बंद बताकर सरकार की आंखों में धूल झोंकने का आरोप ठेकेदारों ने लगाया। इतने वर्षों से इस योजना का काम पूरा करने के बावजूद ठेकेदार को उनके द्वारा किए काम का पेमेंट अभी तक नहीं मिलने से वह काफी परेशानी में है।
निधि का वितरण करेंगे हर घर नल योजना के तहत सरकार से जो भी निधि आई है, उसे ठेकेदारों के कार्यों की जांच के बाद वितरित की जाएंगी हर घर नल योजना बंद होने का जो अहवाल सरकार को भेजा है, वह पुरानी योजना थी। अब इसी से संबंधित योजना क्रमांक 2 आ चुकी है। इसके अलावा हाल ही में 17 अगस्त को बंद कर दी गई योजना के ठेकेदारों की बकाया राशि की चर्चा करने व्हाट्सएप मैसेज द्वारा ठेकेदारों को नहीं बुलाया था।
- स्नेहा धावडे, प्रभारी कार्यकारी अभियंता, ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग, जिला परिषद