चांदूर रेल्वे: क्रीड़ा संकुल की बदहाली, रखरखाव के लिए 3 लाख का बजट फिर भी सुविधाओं के अभाव में खिलाड़ी परेशान

Amravati News: चांदूर रेलवे में खेल सुविधाओं की बदहाली ने खिलाड़ियों को परेशान कर दिया है। हर वर्ष 3 लाख का बजट होने के बावजूद, सुविधाएं जर्जर हैं। स्थानीय खिलाड़ियों नागरिकों ने सुधार की मांग की हैं।
amrawati-825
Updated on

Chandur Railway News: चांदूर रेलवे तहसील में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर क्रीड़ा संकुल का निर्माण किया गया था। लेकिन वर्तमान में यह संकुल बदहाली का शिकार बना हुआ है। संबंधित विभाग की लापरवाही के चलते खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि क्रीड़ा संकुल के रखरखाव और साफसफाई के लिए हर वर्ष लगभग 3 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाता है।

इसके बावजूद परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगहजगह कबूतरों की बीट फैली हुई है, इंडोर स्टेडियम की साफसफाई नहीं होती और मूलभूत व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह बजट खर्च कहां हो रहा हैफोटो क्रीडा संकुल1,2,3रनिंग ट्रैक पर फैले पत्थरखिलाड़ियों के अभ्यास के लिए बनाए गए रनिंग ट्रैक पर जगहजगह पत्थर फैले हुए हैं।

नियमित देखरेख नहीं होने के कारण ट्रैक की हालत खराब हो चुकी है, जिससे खिलाड़ियों को चोट लगने की आशंका बनी रहती है। शहरवासियों और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए सरकार द्वारा लाखों रुपये का जिम उपकरण तालुका क्रीड़ा संकुल में भेजा गया, लेकिन वह आज भी बंद कमरे में पड़ा धूल खा रहा है। उपकरणों का उपयोग नहीं होने से सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वॉलीबॉल ग्राउंड सहित अन्य सुविधाएं भी जर्जरक्रीड़ा संकुल के वॉलीबॉल ग्राउंड की स्थिति भी खराब है।

इसके अलावा इंडोर स्टेडियम में टूटे इलेक्ट्रिक बोर्ड, खराब पंखे, रोशनी की कमी, टूटी टेबल टेनिस नेट, बैठने की व्यवस्था का अभाव और पीने के पानी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। 5 महीनों में केवल 10 बार पहुंचे क्रीड़ा अधिकारीसूत्रों के अनुसार तालुका क्रीड़ा अधिकारी पिछले पांच महीनों में मुश्किल से केवल 10 बार ही कार्यालय पहुंचे हैं। नियमित उपस्थिति नहीं होने के कारण खिलाड़ियों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि क्रीड़ा संकुल में प्रतिदिन अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ियों की संख्या कितनी है, इसकी जानकारी स्वयं क्रीड़ा अधिकारी को ही नहीं है। इससे साफ जाहिर होता है कि खिलाड़ियों की गतिविधियों और सुविधाओं को लेकर विभाग कितना गंभीर है। अधिकारियों से करेंगे चर्चाजब इस मामले में क्रीड़ा अधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मुझे यहां आए अभी केवल 5 महीने हुए हैं।

हमारी डायरेक्ट पोस्टिंग हुई है। हमें कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है, इसलिए मुझे काम समझ नहीं आ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर एक महीने में सब ठीक करने बात कही। इस बयान ने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।खिलाड़ियों ने की सुधार और कार्रवाई की मांगस्थानीय खिलाड़ियों, अभिभावकों और नागरिकों ने क्रीड़ा संकुल की व्यवस्थाएं तत्काल सुधारने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

Navbharat Live
navbharatlive.com