जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा नहीं, फिर भी 3 साल से पद पर कायम; गायवाडी के सरपंच के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव

Caste Validity Certificate: दर्यापुर तहसील के गायवाडी ग्राम पंचायत में जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा न करने वाले कुछ सदस्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
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Caste Validity (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Gaywadi Gram Panchayat Controversy: गायवाडी ग्रामपंचायत के कुछ सदस्यों द्वारा चुनाव जीतने के बाद तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद पिछले तीन वर्षों से चुनाव विभाग के पास अपना जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा नहीं करने का मामला सामने आया है। इस बात को लेकर पूरे गांव में गरमागरम चर्चाएं शुरू हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि खुद की सदस्यता पर तलवार लटकी होने के बावजूद इन सदस्यों ने वर्तमान सरपंच के खिलाफ ही अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया, जिससे गांव की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

वंचित बहुजन आघाडी के तहसील अध्यक्ष चंदू रायबोले और गायवाडी ग्रामपंचायत के सरपंच विजय जामनिक ने इस मामले को लेकर संबंधित सदस्यों पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य आरक्षित वर्गों से चुनाव जीतकर आने वाले सदस्यों को एक निश्चित समय के भीतर अपना जाति वैधता प्रमाणपत्र प्रशासन के पास जमा करना अनिवार्य होता है।

अविश्वास प्रस्ताव से पहले खुद की पात्रता पर सवाल

लेकिन गायवाडी ग्रामपंचायत के कुछ सदस्यों ने तीन साल बीत जाने के बाद भी यह प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है। तहसील कार्यालय से प्राप्त एक पत्र के जरिए इस बात की पुष्टि भी हुई है। तहसील कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामपंचायत सदस्य अस्मिता ढोके, सुनंदा इंगले, कुलदीप चौधरी ने अभी तक अपना जाति वैधता प्रमाणपत्र चुनाव विभाग के पास जमा नहीं कराया है।

ग्रामीणों और सरपंच ने उठाए नैतिकता पर सवाल

एक तरफ जहां इन सदस्यों की खुद की पात्रता और सदस्यता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इनके द्वारा सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से ग्रामीण काफी नाराज हैं। ग्रामीणों द्वारा यह तीखा सवाल उठाया जा रहा है कि जब खुद की सदस्यता कानूनी रूप से खतरे में है, तो ऐसे सदस्यों को दूसरे के खिलाफ अविश्वास जताने का नैतिक अधिकार आखिर कैसे है सरपंच विजय जामनिक और गायवाडी के जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की गहनता से जांच करने की मांग की है।

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