'ठाकरे गुट के 16 विधायकों और 7 सांसदों के साथ फाइनल बातचीत खत्म'; शिंदे गुट के नेता का बड़ा दावा

Krupal Tumane Claim Shiv Sena UBT Split Operation Tiger: शिवसेना शिंदे गुट के नेता कृपाल तुमाने का बड़ा दावा; उद्धव ठाकरे के 16 विधायकों और 7 सांसदों से अंतिम वार्ता पूरी।
Uddhav Shinde
'ठाकरे के 16 विधायकों और 7 सांसदों के साथ फाइनल बातचीत खत्म'; शिंदे गुट के नेता कृपाल तुमाने का दावा (फोटो क्रेडिट-X)
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Krupal Tumane Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT Split: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर जारी घमासान के बीच एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। शिंदे गुट के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद कृपाल तुमाने ने नागपुर में मीडिया से बात करते हुए सनसनीखेज खुलासा किया है।

तुमाने का दावा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के 16 विधायकों और 7 सांसदों के साथ पाला बदलने की अंतिम दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। इस बयान के बाद से राज्य में एक बार फिर महाविकास अघाड़ी खेमे के भीतर बड़ी टूट की सुगबुगाहट तीव्र हो गई है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब हाल ही में उद्धव ठाकरे द्वारा मातोश्री पर बुलाई गई आपात बैठक से 5 सांसद व्यक्तिगत रूप से नदारद रहे थे, जिसके बाद से ही राजनीतिक हलकों में अलग गुट बनाने की अटकलें चल रही हैं।

केवल पार्टी में शामिल होने की तारीख तय होना बाकी

कृपाल तुमाने ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना के कई निर्वाचित प्रतिनिधि पार्टी प्रमुख की कार्यशैली और निर्णय लेने के तौर-तरीकों से बेहद नाखुश चल रहे हैं। इसी असंतोष के कारण 7 सांसद संसद में एक अलग गुट बनाने की तैयारी कर रहे हैं और 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत एकनाथ शिंदे के साथ उनकी अंतिम बातचीत भी संपन्न हो चुकी है। तुमाने के अनुसार, बगावत की पूरी रूपरेखा तय की जा चुकी है और अब केवल इन 16 विधायकों और 7 सांसदों के आधिकारिक तौर पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की तारीख तय होना ही बाकी रह गया है।

'हमें ऑपरेशन टाइगर की जरूरत नहीं'

कृपाल तुमाने के इस महा-दावे के तुरंत बाद शिंदे सरकार के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ शिवसेना नेता उदय सामंत ने इस पर पूरी तरह विपरीत रुख अपनाते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया। सामंत ने 'ऑपरेशन टाइगर' की खबरों पर विराम लगाते हुए कहा कि यूबीटी के किसी भी सांसद से हमारा कोई संपर्क नहीं है और न ही ऐसी कोई गोपनीय बैठक आयोजित की गई है। सामंत ने आगे कहा कि शिंदे गुट को ऐसे किसी ऑपरेशन की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने उद्धव गुट के नेता संजय राउत के धैर्य की सराहना करते हुए कहा कि राउत ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी पार्टी के अस्तित्व को बचाए रखा है।

'बीजेपी का इससे कोई लेना-देना नहीं'

ठाकरे की शिवसेना में सांसदों के एक अलग समूह बनाने के इस पूरे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता रावसाहेब दानवे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। दानवे ने स्पष्ट किया कि देश की राजनीति में पहले भी ऐसे समूह बने हैं, जैसे तमिलनाडु में एक धड़े ने अलग होकर बाद में मुख्य पार्टी में विलय किया था। उन्होंने कहा कि ठाकरे की शिवसेना में बनने वाला यह समूह अलग अस्तित्व रखेगा या शिंदे गुट में जाएगा, इसका फैसला वे नेता खुद करेंगे, इस पूरे प्रकरण से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। दानवे ने यह भी जोड़ा कि फिलहाल कागजों पर ऐसा कोई समूह अभी तक अस्तित्व में नहीं आया है।

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