अमरावती: ग्रामीण इलाकों में फिर सुलगने लगे चूल्हे; गैस किल्लत से बेनोडा शहीद और वरुड के नागरिक बेहाल

गैस सिलेंडर की कमी से ग्रामीणों में चूल्हे जलाने की स्थिति उत्पन्न, बढ़ते दामों से आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति पर असर।
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Amravati News: वरुड तहसील के बेनोडा शहीद और आसपास के कई ग्रामीण इलाकों में गैस सिलेंडर की कमी के कारण लोग फिर से पारंपरिक चूल्हों पर खाना पकाने को मजबूर हो गए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण भारत में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल और धातुओं के दामों में तेज़ी से वृद्धि हुई है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। इसी के चलते केंद्र सरकार ने व्यावसायिक सिलेंडर की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी है और घरेलू सिलेंडरों की संख्या सीमित कर दी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे वरुड शहर की गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग गई हैं। नागरिकों का कहना है कि इस कठिनाई ने उन्हें पुराने समय की याद दिला दी है, जब रसोई गैस का व्यापक उपयोग नहीं था और चूल्हा प्राथमिक साधन हुआ करता था।

पुराना दौर लौट आया

गैस की कमी के कारण ग्रामीण और छोटे व्यवसायिक उपयोगकर्ता दोनों ही अब पारंपरिक चूल्हों पर निर्भर हो गए हैं। कई लोगों ने बताया कि उन्हें दैनिक जीवन में रसोई गैस के अभाव के कारण पुराने तरीके अपनाने पड़ रहे हैं, जो कई सालों बाद फिर से आम हो गए हैं।

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