

Amravati Double Murder Case: महाराष्ट्र के अमरावती जिले में आने वाले वालगांव थाना क्षेत्र के जुना बस स्टॉप परिसर में रविवार की देर रात हुए दोहरे हत्याकांड में एक बेहद हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। दो मासूम युवकों की चाकू से गोदकर की गई इस क्रूर हत्या की वजह महज 'कबूतर चुराने' और डीजे बजाने को लेकर हुआ पुराना मामूली विवाद निकली।
इस जघन्य अपराध के बाद पूरे समता नगर क्षेत्र में भारी सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव का माहौल बन गया था। हालांकि, घटना की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच (अपराध शाखा) और वालगांव पुलिस की संयुक्त टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पुणे भागने की फिराक में लगे आरोपियों सहित कुल 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच में सामने आई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतक संजोग विकास जोशी (उम्र 19 वर्ष, निवासी समता नगर, वालगांव) और आरोपियों के बीच लंबे समय से कबूतर चुराने को लेकर पुराना झगड़ा चला आ रहा था। इसके अलावा कुछ महीनों पहले किसी उत्सव के दौरान डीजे (DJ) बजाने को लेकर भी दोनों पक्षों में जमकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद से आरोपी लगातार संजोग को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे।
रविवार की देर रात मुख्य आरोपी विक्की उर्फ गोलू उगले अचानक संजोग के घर पहुंचा। उसने बातों में फंसाकर संजोग और उसके दोस्त ऋतिक पंडित (उम्र 19 वर्ष, निवासी महाजनपुरा) को बाहर बुलाया। इसके बाद घात लगाकर बैठे आरोपियों ने जुना बस स्टॉप के पास तीखे और धारदार हथियारों से दोनों पर हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी शहर छोड़कर भागने की फिराक में थे। क्राइम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक अतुल वर और दिनेश दहातोंडे की विशेष टीमों ने घेराबंदी करते हुए आरोपी अनिकेत मेश्राम और सुमित सुरजुसे को भातकुली से दर्यापुर मार्ग पर उस समय धर दबोचा जब वे पुणे जाने वाली बस पकड़ने वाले थे।
इसके अतिरिक्त पुलिस ने विक्की उर्फ गोलू उगले, मिलन तायड़े, अजय नागदिवे के साथ-साथ साजिश में शामिल चंद्रमनी उगले और सरपंच सुधीर पांडुरंग उगले को भी हिरासत में लिया है। दोहरे हत्याकांड की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आयुक्त (CP) राकेश ओला और उपायुक्त (DCP) यशवंत सोलंके खुद आधी रात को क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे और गिरफ्तार आरोपियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाते हुए मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए।
सोमवार को जिला अस्पताल में दोनों मृत युवकों का पोस्टमार्टम संपन्न कराया गया। इसके बाद जब शव परिजनों को सौंपे गए, तो समता नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश को देखते हुए व्यापक पुलिस बंदोबस्त तैनात कर दिया गया। संजोग जोशी का वालगांव में और ऋतिक पंडित का महाजनपुरा में कड़े पुलिस पहरे के बीच अंतिम संस्कार किया गया।
अमरावती डबल मर्डर मामले में फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और फिंगरप्रिंट्स एकत्र किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एपीआई मनीष वाकोडे, महेश इंगोले और उनकी पूरी टीम आरोपियों के खिलाफ अदालत में सख्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।