अमरावती में शोध की गुणवत्ता और ईमानदारी पर दें विशेष ध्यान, उपकुलपति मिलिंद बारहाते का शोधकर्ताओं को आह्वान

Amravati News: संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय में शोध गुणवत्ता और ईमानदारी पर कार्यशाला आयोजित की गई। उपकुलपति डॉ. मिलिंद बारहाते ने शोधकर्ताओं से देशहित में कार्य करने की अपील की।
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Amravati University Dr. Milind Barhate News: अमरावती छात्र व शोधकर्ता देशहित को ध्यान में रखते हुए अपने शोध की गुणवत्ता बढ़ाएं ऐसा आह्वान संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. मिलिंद बारहाते ने किया।

वह विश्वविद्यालय के गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संशोधन मार्गदर्शक अभिमुखता नियमावली, दिशा और शोध गुणवत्ता विषयक कार्यशाला में अध्यक्ष के रूप में बोल रहे थे। मुख्य वक्ता भूषण बोरोटीकर ने शोध में ईमानदारी, प्लैजियरिज्म साहित्यिक चोरी नियंत्रण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शोध मानकों पर गहन मार्गदर्शन किया।

शैक्षिक महासंघ की विभागीय अध्यक्ष डॉ. मीनल भोंडे ने कार्यशाला का उद्घाटन किया और शोध संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए मार्गदर्शकों की जिम्मेदारी रेखांकित की। विद्या परिषद सदस्य डॉ। हेमंत चांडक ने दोपहर के सत्र में यूजीसी 2022 की नियमावली और विश्वविद्यालय के नियमों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने पीएचडी सेल में दस्तावेज जमा करते समय आने वाली कठिनाइयों और उनके समाधान पर शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। समारोह के समापन सत्र में प्रउपकुलपति डॉ. महेंद्र ढोरे और उपकुलसचिव डॉ. मीनल मालधुरे प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का प्रास्ताविक डॉ. मंगेश अडगोकार ने किया, संचालन डॉ. वि. रा. मांडवकर ने और आभार डॉ। ओमप्रकाश मुंदे ने माना।

कार्यशाला में विभिन्न संकायों के शोध मार्गदर्शक, प्रोफेसर और बड़ी संख्या में पीएचडी शोधार्थी उपस्थित थे।

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