अमरावती: भीषण गर्मी में प्यास बुझाना हुआ मुश्किल; गायब होती सार्वजनिक प्याऊ व्यवस्था से राहगीर परेशान

गर्मियों में प्याऊ की कमी से अमरावती के नागरिक पानी की बोतल खरीदने को मजबूर हैं। सामाजिक संगठनों की उदासीनता चिंता का विषय है।
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Amravati Water Crisis News: अमरावती में गर्मी की शुरुआत के साथ ही एक समय आम रही सार्वजनिक प्याऊ व्यवस्था अब लगभग गायब होती नजर आ रही है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंड और ग्रामीण क्षेत्रों में पहले गर्मियों में जगह-जगह प्याऊ लगाए जाते थे, लेकिन अब यह परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती दिख रही है।

इस वर्ष स्थिति और चिंताजनक है, क्योंकि कई सामाजिक संगठनों ने भी प्याऊ लगाने को लेकर उदासीनता दिखाई है। परिणामस्वरूप, राहगीरों को अपनी प्यास बुझाने के लिए बाजार से पानी की बोतल खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।

गर्मी के मौसम में जब तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच जाता है, तब पानी की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग भी लू से बचाव के लिए अधिक पानी पीने की सलाह देता है। पहले नागरिक मटकों में ठंडा पानी भरकर सार्वजनिक स्थलों पर रखते थे, जिससे आम लोगों को राहत मिलती थी।

बोतलबंद पानी की बढ़ती निर्भरता

सार्वजनिक प्याऊ की कमी और अशुद्ध पानी के डर के चलते अब लोग बोतलबंद पानी पर निर्भर होते जा रहे हैं। बाजार में लंबे समय तक ठंडा रहने वाली बोतलों की उपलब्धता ने भी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए महंगी बोतल खरीदना संभव नहीं है, जिससे कई लोग छोटी पानी की बोतल खरीदकर ही काम चला रहे हैं।

सामाजिक संगठनों से पहल की अपेक्षा

शहरवासियों का मानना है कि सामाजिक संगठन और व्यापारी वर्ग को आगे आकर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजार क्षेत्रों में शुद्ध व ठंडे पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था फिर से शुरू करना जरूरी माना जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।

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