अमरावती: मूर्तिजापुर-अचलपुर रेल मार्ग को मिलेगा नया जीवन, 1500 करोड़ के प्रोजेक्ट पर नजर

Vidarbha Railway Development: ऐतिहासिक शकुंतला रेलवे को ब्रॉडगेज में बदलने की प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है। 189 किमी लंबे इस रूट का ड्रोन सर्वे पूरा होने से दर्यापुर सहित नागरिकों में उम्मीद जगी है।
Amravati Shakuntala Railway Gauge Project
शकुंतला रेलवे (सोर्स - फोटो नवभारत)
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Amravati Shakuntala Railway Gauge Project: ब्रिटिश काल में ग्रामीण इलाकों को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से अंग्रेजों द्वारा मूर्तिजापुर-अचलपुर के बीच कोयले से चलने वाली रेलवे की शुरुआत की गई थी। विदर्भ के इतिहास का एक अविभाज्य हिस्सा और आम जनता के दिलों में खास जगह बनाने वाली यही 'शकुंतला रेलवे' दोबारा पटरी पर कब दौड़ेगी? यह सवाल आज दर्यापुर समेत इस पूरे रेल मार्ग के नागरिकों को सता रहा है। ट

पिछले कुछ वर्षों से बंद पड़ी इस ऐतिहासिक रेलवे को पुनर्जीवित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर हलचलें तो शुरू हैं, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से ट्रेन दौड़ने में अभी कुछ और समय लगने की संभावना है।

ब्रॉडगेज में बदलने का निर्णय, ड्रोन सर्वे पूरा शकुंतला रेलवे पहले मूर्तिजापुर-अचलपुर और मूर्तिजापुर-यवतमाल इन नैरोगेज मार्गों पर दौड़ती थी। मगर, ट्रैक के बेहद जर्जर हो जाने के कारण सुरक्षा के लिहाज से यह सेवा बंद कर दी गई थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मार्ग को ब्रॉडगेज में बदलने का निर्णय लिया। इस प्रोजेक्ट के लिए पूरे रूट का ड्रोन द्वारा सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया हाथ में ली गई है।

मिली जानकारी के अनुसार इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में अचलपुर से मूर्तिजापुर (लगभग 77 किलोमीटर) और दूसरे चरण में मूर्तिजापुर से यवतमाल (लगभग 112 किलोमीटर) मार्ग का ब्रॉडगेज में रूपांतरण किया जाएगा। रेलवे बचाओ समिति के अनुसार इस कार्य के लिए करीब 1,500 करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया गया है।

  • रेल मार्ग : मूर्तिजापुर -अचलपुर-यवतमाल
  • पूर्व स्थिति : नैरोगेज रेलवे
  • प्रस्ताव : ब्रॉडगेज रूपांतरण

वर्तमान स्थिति : सेवा बंद

दर्यापुर के व्यापार और विकास को लगेंगे पंख दर्यापूर इस रेल मार्ग का एक बेहद महत्वपूर्ण स्टेशन है। यदि यह रेलवे सेवा दोबारा शुरू होती है, तो यात्री परिवहन के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, कृषि उपज की आवाजाही और रोजगार के अवसरों को बड़ी गति मिलेगी। यही वजह है कि दर्यापुर सहित परिसर के नागरिक और व्यापारी वर्ग इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग कर रहे है।

  • प्रथम चरण अचलपुर-मूर्तिजापुर, 77 किमी
  • द्वितीय चरण मूर्तिजापुर-यवतमाल, 112 किमी
  • कुल लंबाई: 189 किमी
  • अनुमानित निधि 1,500 करोड़ रुपये
  • प्रमुख स्टेशन: दोपुर
  • लाम यात्री सुविधा, व्यापार कृषि परिवहन, रोजगार

रेलवे बचाओ समिति का लगातार संघर्ष

शकुंतला रेलवे को फिर से शुरू कराने के लिए रेलवे बचाओ समिति और स्थानीय नागरिकों ने कई आंदोलन किए है और इस गूंज को केंद्र सरकार व रेल मंत्रालय तक पहुंचाया है। समिति के लगातार फॉलो-अप के बाद प्रोजेक्ट में कुछ तेजी ती आई है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम को पूरी रफ्तार मिलना और ट्रेन शुरू होने की निश्चित तारीख का एलान होना अभी बाकी है।

देखा जाए तो शकुंतला रेलवे के दोबारा शुरू होने की उम्मीद तो जगी है, लेकिन दर्यापूर के लोगों को ट्रेन की सीटी सुनने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। इस महत्वाकांक्षी ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट का वास्तविक काम शुरू होना और फंड की समय पर उपलब्धता ही तय करेगी कि शकुंतला की घर वापसी कब होगी।

-नवभारत लाइव के लिए अमरावती से अजय वर की रिपोर्ट

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