अमरावती PWD रिश्वतकांड: ठेकेदार से पैसे लेते वीडियो वायरल, मुख्य अभियंता को LCB का नोटिस
PWD Bribery Case: अमरावती PWD में बिल पास कराने के लिए रिश्वत लेते 'मामा' का वीडियो वायरल हुआ। LCB के नोटिस के बाद विभाग ने आरोपी कर्मचारी को पद से हटा दिया है।
- Written By: केतकी मोडक
रिश्वत प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Amravati Contractor Bribery Allegation Case: अमरावती लोक निर्माण विभाग के गलियारों से भ्रष्टाचार का एक बेहद चौंकाने वाला और शर्मनाक मामला प्रकाश में आया है। लोनिवि के अकाउंट विभाग में कार्यरत एक ठेका कर्मचारी द्वारा एक ठेकेदार से उसके बकाया बिलों को पास करवाने के एवज में खुलेआम रिश्वत लेने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है।
इस सनसनीखेज वीडियो के सामने आने और एंटी करप्शन ब्यूरो तक शिकायत पहुंचने के बाद स्थानीय अपराध शाखा ने मामले में कड़ा रुख अपनाया है। एलसीबी के पुलिस अधीक्षक ने सीधे लोनिवि के मुख्य अभियंता को नोटिस थमाकर दफ्तर के स्तर पर तुरंत कड़ी कार्रवाई करने के लिखित निर्देश जारी किए हैं।
500 रुपये का लेन-देन कैमरे में कैद
जानकारी के अनुसार, विभाग के भीतर टेबल के नीचे से होने वाले इस काले खेल का भंडाफोड़ तब हुआ जब पीड़ित ठेकेदार ने पैसे देते समय का वीडियो बना लिया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि अकाउंट विभाग में काम करने वाला एक कर्मचारी ठेकेदार से 500 रुपये की नकदी स्वीकार कर रहा है। इस मामले को लेकर विकास जनजागर विकास मंच के सचिव किशोर हरमकर ने मोर्चा खोल दिया है।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर विदर्भ की गर्मी बनी मुद्दा, अदालत के निर्देशों के बावजूद फैसला क्यों? शिक्षा विभाग से जवाब तलब
मुंबई में पानी टैंकर संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म, सीएम के आश्वासन के बाद एसोसिएशन ने लिया फैसला
नागपुर के 12 लॉन्स- क्लब जांच के घेरे में, मनपा से मांगा विस्तृत हलफनामा; कार्रवाई तेज
अमरावती RTO में एक दिवसीय हड़ताल का असर, बिना काम कराए लौटे नागरिक
हरमकर का दावा है कि वीडियो में अवैध आर्थिक लेन-देन पूरी तरह से स्पष्ट है और यह सीधे-सीधे प्रशासनिक भ्रष्टाचार का सबूत है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी अपनी शिकायत में मांग की है कि इस वायरल वीडियो की तत्काल फॉरेंसिक जांच कराई जाए और दोषी के खिलाफ तत्काल आपराधिक मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा जाए।
बिना वैध आदेश के काम कर रहा था रिटायर्ड व्यक्ति
इस पूरे रिश्वतकांड ने लोक निर्माण विभाग के भीतर चल रहे एक बहुत बड़े और संदिग्ध नेक्सस को भी बेनकाब कर दिया है। दफ्तर के भीतर चर्चा और आरोपों का बाजार गर्म है कि वीडियो में दिखाई दे रहा आरोपी व्यक्ति वास्तव में एक रिटायर्ड कर्मचारी है, जो ‘मामा’ के नाम से मशहूर है।
अब सबसे गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक रिटायर्ड व्यक्ति पिछले कई वर्षों से सरकारी अकाउंट विभाग जैसे संवेदनशील सेक्शन में किस हैसियत और अधिकार से काम कर रहा था? क्या उसके पास का कोई वैध नियुक्ति आदेश था, या फिर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत से पीडब्ल्यूडी के भीतर बिना किसी अधिकृत सरकारी प्रक्रिया के एक समानांतर और अवैध सिस्टम चलाया जा रहा था?
आरोपी ‘मामा’ को पद से हटाया
इस भारी फजीहत और स्थानीय अपराध शाखा की एंट्री के बाद लोनिवि के वरिष्ठ अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, लोक निर्माण विभाग के शीर्ष अधिकारियों से जब इस भ्रष्टाचार और अवैध नियुक्ति के संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
यह भी पढे़ं:- अमरावती RTO में एक दिवसीय हड़ताल का असर, बिना काम कराए लौटे नागरिक
दूसरी ओर, विभाग के अंदरूनी सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, अपनी गर्दन फंसती देख विभाग ने आनन-आन में कार्रवाई करते हुए उस ‘मामा’ नामक विवादित व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है और उसकी सेवाएं समाप्त कर दी हैं। लेकिन जनता और सामाजिक संगठनों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि केवल पद से हटाना काफी नहीं है। अब शहर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एलसीबी के नोटिस के बाद मुख्य अभियंता इस समानांतर रैकेट को शह देने वाले बड़े अधिकारियों पर क्या और कितनी सख्त दणात्मक कार्रवाई करते हैं।
