

Amravati Murder Auto Search: अमरावती में पैसों के लेनदेन के विवाद में 27 वर्षीय युवक की हत्या का मामला सामने आया है।
आरोपी ने शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर नाले के पास छिपा दिया और उसे ठिकाने लगाने के लिए ऑटो तलाश रहा था। क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने सूचना के आधार पर आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।
अमरावती गणेश विसर्जन बंदोबस्त के दौरान पेट्रोलिंग कर रही क्राइम ब्रांच यूनिट-1 की टीम ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी कुछ ही घंटों में सुलझा ली। पैसों के लेनदेन के विवाद में एक युवक की हत्या कर उसके शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर नाले के किनारे छिपा दिया गया था।
हत्या के बाद आरोपी शव को कहीं दूर ले जाकर ठिकाने लगाने के लिए ऑटो की तलाश कर रहा था। इसी दौरान पुलिस को उसकी गतिविधियों की जानकारी मिली और टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
गणेश विसर्जन के दौरान क्राइम ब्रांच के अधिकारी और कर्मचारी शहर में पेट्रोलिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नागपुरी गेट चौराहे के पास एक संदिग्ध युवक ऑटो के बारे में पूछताछ कर रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तलाश शुरू की। आरोपी को नांदगांव पेठ थाना क्षेत्र के माहुली रोड स्थित एक खेत के पास से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसकी पहचान मोहम्मद राजिक मोहम्मद काफील (21), निवासी हबीब नगर, कच्छी मस्जिद के पास, अमरावती के रूप में हुई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने नालसाबपुरा निवासी मोहम्मद तौफिक मोहम्मद शफीक (27) की हत्या करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पैसों का लेनदेन था। राजिक ने जब तौफिक से अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों के बीच विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद के बाद गुस्से में राजिक ने तौफिक की हत्या कर दी। इसके बाद शव को प्लास्टिक की बोरी में बांधकर धामना परिसर में नाले के किनारे छिपा दिया। इसके बाद वह शव को दूसरी जगह ले जाकर ठिकाने लगाने के लिए ऑटो की तलाश कर रहा था।
आरोपी की निशानदेही पर अमरावती पुलिस टीम धामना परिसर पहुंची, जहां प्लास्टिक की बोरी में तौफिक का शव बरामद हुआ। इसके बाद मृतक के भाई मोहम्मद तौहीद मोहम्मद शफीक (22) की शिकायत पर नांदगांव पेठ थाने में आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई पुलिस आयुक्त राकेश ओला, पुलिस उपायुक्त यशवंत सोलंके, प्रांजली सोनवणे समेत वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।